बालोद सुशासन तिहार के अंतर्गत राहुद में विशेष शिविर आयोजित हुआ। वहीं आसपास के 18 पंचायतों के ग्रामीण भी शामिल हुए। शिविर में विभिन्न विभागों ने सेवाएं उपलब्ध कराईं। इसके अलावा आम नागरिकों को योजनाओं की जानकारी दी गई। कुल मिलाकर शिविर में प्रशासनिक सक्रियता स्पष्ट दिखाई दी।
हितग्राहियों को योजनाओं का मिला प्रत्यक्ष लाभ
शिविर में कई हितग्राहियों को सामग्री वितरित की गई। साथ ही कृषि विभाग ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए। इसके अलावा मत्स्य पालन विभाग ने जाल और आईस बॉक्स दिए। वहीं समाज कल्याण विभाग ने श्रवण यंत्र और छड़ी वितरित की। दरअसल बालोद सुशासन तिहार का उद्देश्य योजनाओं की पहुंच बढ़ाना रहा।
मौके पर ही 1428 आवेदनों का हुआ निराकरण
शिविर में कुल 1838 आवेदन प्राप्त हुए। हालांकि प्रशासन ने 1428 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया। इसके बाद अधिकारियों ने शेष मामलों की प्रक्रिया शुरू की। वहीं नागरिकों ने त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। नतीजतन शिविर में व्यवस्था प्रभावी बनी रही।
दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए विशेष पहल
शिविर में मेडिकल बोर्ड भी लगाया गया था। इसी बीच विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट प्रदान की गई। साथ ही बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया। खासतौर पर महिलाओं और दिव्यांगजनों को प्राथमिकता दी गई।
जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को दिए निर्देश
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं उन्होंने आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर दिया। इसके अलावा बाल विवाह रोकथाम की शपथ भी दिलाई गई। कुल मिलाकर बालोद सुशासन तिहार प्रशासन और जनता के समन्वय का उदाहरण बना।
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