छत्तीसगढ़ में सेवा सेतु के साथ रोजगार और कौशल विकास को बढ़ाने की पहल हुई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में तीन महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़े। नवा रायपुर में युवा उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच एमओयू हुआ। साथ ही, नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपा गया।
नवनियुक्त अभियंताओं को मिले नियुक्ति पत्र
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में चयनित उप अभियंताओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त अभियंताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार नवा रायपुर आधुनिक अधोसंरचना और योजनाबद्ध विकास का प्रमुख केंद्र बन रहा है। युवा अभियंताओं को इसके निर्माण में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।
चिप्स और सीएससी के बीच हुआ एमओयू
डिजिटल सेवाओं को आसान बनाने के लिए चिप्स और कॉमन सर्विस सेंटर के बीच समझौता हुआ। इसके तहत दोनों प्लेटफॉर्म की सेवाओं को जोड़ने की दिशा में काम होगा।
इस व्यवस्था से नागरिकों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत कम होगी। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी अधिक सेवाएं नजदीकी केंद्रों पर मिल सकेंगी।
16 हजार से अधिक केंद्रों पर सेवाएं
वर्तमान में सेवा सेतु के जरिए 38 विभागों की 907 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। ये सेवाएं 16,619 केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक पहुंच रही हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक 54 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं। इनमें 90 प्रतिशत से ज्यादा आवेदनों का निराकरण किया गया है।
प्रदेश में 28,450 सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर भी संचालित हैं। इन केंद्रों के माध्यम से 600 से अधिक सरकारी और व्यावसायिक सेवाएं दी जा रही हैं। एमओयू के बाद सेवा सेतु की सेवाओं का दायरा और बढ़ेगा।
एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ेंगी सुविधाएं
राज्य सरकार सेवा सेतु को व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित कर रही है। केंद्र सरकार की 166 सेवाओं को भी इससे जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। इससे एक हजार से अधिक सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने का रास्ता तैयार होगा।
इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर से बचाना है। ऑनलाइन सेवाओं से प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से शिकायतों का समाधान
नागरिकों की समस्याओं के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 भी शुरू की गई है। इससे करीब 8 हजार अधिकारी जुड़े हैं। शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय की गई है।
सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को अधिक जवाबदेह बनाना है।
नवा रायपुर में बनेगा कौशल प्रशिक्षण संस्थान
नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की तैयारी है। इसके लिए 10 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौंपा गया है। संस्थान के निर्माण पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है।
यहां हर साल करीब 4 हजार युवाओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देने की योजना है। करीब 20 ट्रेड में प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार मिलेगा प्रशिक्षण
संस्थान में प्रशिक्षण कार्यक्रम रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार किए जाएंगे। युवाओं को नई तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान देने पर जोर रहेगा।
इसके जरिए युवाओं के लिए रोजगार के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसर भी बढ़ाने का लक्ष्य है। नवा रायपुर को कौशल और तकनीकी शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
नागरिकों को केंद्रों पर मिलेगी स्पष्ट जानकारी
सेवा केंद्रों पर उपलब्ध प्रमुख सेवाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएगी। इनमें जाति, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके अलावा राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिजली कनेक्शन और निर्माण श्रमिक पंजीयन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। आधार, आयुष्मान, गैस कनेक्शन, पैन कार्ड और फसल बीमा जैसी सेवाओं की जानकारी भी केंद्रों पर मिलेगी।
युवाओं और नागरिकों के लिए बढ़ेंगे अवसर
रोजगार, डिजिटल सेवाओं और कौशल प्रशिक्षण को जोड़कर राज्य में कई पहल आगे बढ़ाई गई हैं। सेवा सेतु की पहुंच बढ़ने से नागरिकों को नजदीकी केंद्रों पर अधिक सेवाएं मिलेंगी।
वहीं, प्रस्तावित कौशल संस्थान युवाओं को आधुनिक तकनीक से जुड़ा प्रशिक्षण देगा। इन पहलों से रोजगार और डिजिटल सेवा वितरण से जुड़े अवसरों का विस्तार होने की उम्मीद है।
यह भी पढ़े: मंत्रिपरिषद के निर्णय : दिनांक : 30 सितंबर 2026