छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को सितंबर माह से बिजली बिल में बड़ा झटका लगने वाला है। अब उन्हें पहले जैसी राहत नहीं मिलेगी। राज्य सरकार ने 1 अगस्त से बिजली बिल हॉफ योजना को समाप्त कर दिया है। पहले 400 यूनिट तक खपत पर 50 प्रतिशत छूट दी जाती थी। अब केवल 100 यूनिट तक ही उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ मिलेगा। 2019 से लागू इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने 558 से 1223 रुपए तक की राहत मिलती थी। लेकिन अब यह सुविधा बंद हो चुकी है।
सितंबर में आने वाले बिल में उपभोक्ताओं को दोगुना भुगतान करना होगा। खासतौर पर गरीब और मध्यम वर्ग पर इसका सीधा असर होगा। योजना के बदलाव के कारण हजारों उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भार उठाना पड़ेगा। वहीं शहरी इलाकों में 100 यूनिट से कम खपत करने वाले उपभोक्ता बेहद कम हैं। ऐसे में सब्सिडी का लाभ गिनती के लोगों तक ही सीमित रहेगा।
इसके अलावा जुलाई से बिजली दरों में 14 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी पहले ही हो चुकी है। अगस्त की गर्मी में बढ़ी खपत और योजना खत्म होने से उपभोक्ताओं पर तिहरा बोझ पड़ने वाला है।