उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। रविवार, 24 नवंबर को हुई इस हिंसा में अब तक चार युवकों की मौत हो चुकी है। मृतकों में नईम (30), कैफ (18), नोमान (50), और बिलाल (23) शामिल हैं।
हिंसा में घायल हुए पुलिसकर्मी
पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने फायरिंग और पथराव किया, जिसमें सीओ अनुज चौधरी और एसपी के पीआरओ घायल हुए। इसके अलावा 22 पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं। मृतकों के परिवारों ने आरोप लगाया है कि मौतें पुलिस फायरिंग के कारण हुईं, लेकिन प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है।
स्थिति नियंत्रण में लाने के प्रयास
हिंसा के बाद संभल जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और तहसील के सभी स्कूल सोमवार को बंद रखने का आदेश दिया गया। एहतियातन पीएसी की तीन बटालियन तैनात की गई हैं।
डीएम राजेंद्र पैंसिया ने बाहरी व्यक्तियों की जिले में एंट्री 1 दिसंबर तक प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है। साथ ही एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने जानकारी दी कि आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान कर ली गई है।
गैंगस्टर एक्ट और NSA के तहत कार्रवाई
एसपी ने कहा कि हिंसा में शामिल आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हिंसा के कारण 24 घंटे का इंटरनेट बंद और क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात बनाए गए हैं।
स्थिति सामान्य होने में वक्त लगेगा
प्रशासन की सख्ती के बावजूद, इलाके में तनाव बरकरार है। हालात सामान्य करने के लिए सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ाई गई है। पीएसी बल और स्थानीय पुलिस शांति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।