रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक अहम निर्णय लिया है। सरकार साहीवाल नस्ल की गाय 325 आदिवासी महिलाओं को वितरित करेगी। यह पायलट योजना राज्य के छह जिलों में लागू की जा रही है।
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना और आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार का मानना है कि साहीवाल गाय से बेहतर दूध उत्पादन होगा जिससे महिलाएं दुग्ध व्यवसाय में आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
लेकिन अब इस योजना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज़ हो गई है। विपक्ष ने इस पर सवाल खड़े किए हैं और इसे एक चुनावी स्टंट बताया है। वहीं, सत्तापक्ष इसे गरीबों के कल्याण की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है।
छह जिलों में लागू होगी योजना
योजना के तहत जिन छह जिलों को चुना गया है, उनमें आदिवासी बहुल इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आदिवासी महिलाएं भी आर्थिक रूप से मजबूत बनें और अपने परिवार की आय में सहयोग करें।
इस योजना की सफलता से आने वाले समय में अन्य जिलों में भी इसका विस्तार किया जा सकता है। सरकार का यह भी कहना है कि पशुपालन विभाग के माध्यम से गायों के स्वास्थ्य और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक अहम निर्णय लिया है। सरकार साहीवाल नस्ल की गाय 325 आदिवासी महिलाओं को वितरित करेगी। यह पायलट योजना राज्य के छह जिलों में लागू की जा रही है।
इस योजना का प्रमुख उद्देश्य दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना और आदिवासी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। सरकार का मानना है कि साहीवाल गाय से बेहतर दूध उत्पादन होगा जिससे महिलाएं दुग्ध व्यवसाय में आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
लेकिन अब इस योजना को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज़ हो गई है। विपक्ष ने इस पर सवाल खड़े किए हैं और इसे एक चुनावी स्टंट बताया है। वहीं, सत्तापक्ष इसे गरीबों के कल्याण की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है।
छह जिलों में लागू होगी योजना
योजना के तहत जिन छह जिलों को चुना गया है, उनमें आदिवासी बहुल इलाकों को प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आदिवासी महिलाएं भी आर्थिक रूप से मजबूत बनें और अपने परिवार की आय में सहयोग करें।
इस योजना की सफलता से आने वाले समय में अन्य जिलों में भी इसका विस्तार किया जा सकता है। सरकार का यह भी कहना है कि पशुपालन विभाग के माध्यम से गायों के स्वास्थ्य और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी।