Raja Raghuvanshi Murder Case सोनम की जमानत बरकरार

Raja Raghuvanshi-Sonam Raghuvanshi

Raja Raghuvanshi Murder Case में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के फैसले को लेकर उसके मन में प्रारंभिक सवाल हैं। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए मामले में जवाब मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि Raja Raghuvanshi Murder Case में सोनम रघुवंशी पहले ही जेल से रिहा हो चुकी हैं। ऐसे में इस चरण पर उनकी जमानत पर रोक लगाना उचित नहीं होगा। हालांकि अदालत ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के फैसले की वैधता पर आगे विस्तार से सुनवाई की जाएगी।

न्यायालय ने यह संकेत भी दिया कि यदि जमानत केवल तकनीकी आधार पर दी गई है, तो इस पर गंभीर कानूनी समीक्षा की आवश्यकता हो सकती है।

मेघालय सरकार ने क्या दलील दी?

सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने हाईकोर्ट के फैसले को बेहद चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर हत्या का मामला है और केवल टाइपिंग की गलती के आधार पर आरोपी को जमानत नहीं मिलनी चाहिए।

सरकार ने अदालत को बताया कि Raja Raghuvanshi Murder Case में कुल 94 गवाह हैं और ट्रायल की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में जमानत का आदेश न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

क्या टाइपिंग की गलती बनी जमानत का आधार?

धारा की त्रुटि पर उठा विवाद

सरकार ने अदालत को बताया कि गिरफ्तारी दस्तावेज में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) की जगह गलती से 403(1) लिख दिया गया था। जबकि भारतीय न्याय संहिता में धारा 403 मौजूद ही नहीं है।

सरकार का तर्क था कि यह केवल एक टाइपिंग त्रुटि थी और आरोपी को गिरफ्तारी के समय हत्या के आरोपों की पूरी जानकारी दी गई थी। इसलिए इस तकनीकी गलती के आधार पर जमानत देना उचित नहीं माना जा सकता।

सोनम रघुवंशी की ओर से क्या कहा गया?

बचाव पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि गिरफ्तारी के आधार सही तरीके से नहीं बताए गए थे। साथ ही यह भी दलील दी गई कि सोनम पर कड़ी शर्तें लागू हैं और उन्हें शिलांग में ही रहना होगा। इसलिए उनके फरार होने की आशंका नहीं है।

वकील ने अदालत को बताया कि मुकदमे की सुनवाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में लगातार जेल में रखना आवश्यक नहीं है।

मुख्य बातें एक नजर में

  • Raja Raghuvanshi Murder Case में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर तत्काल रोक लगाने से इनकार किया।
  • मेघालय सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया गया।
  • हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रारंभिक सवाल उठाए।
  • सरकार ने टाइपिंग की गलती को जमानत का गलत आधार बताया।
  • मामले में 94 गवाह हैं और ट्रायल जारी है।
  • अदालत ने कहा कि आगे विस्तृत सुनवाई में सभी पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।

क्या है पूरा मामला?

Raja Raghuvanshi Murder Case की शुरुआत मई 2025 में हुई थी। राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी 12 मई को हुई थी। इसके बाद 23 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए, जहां से वे लापता हो गए।

2 जून को राजा रघुवंशी का शव गहरी खाई से बरामद हुआ। इसके बाद 8 जून को सोनम उत्तर प्रदेश में मिलीं। जांच के दौरान मेघालय पुलिस ने आरोप लगाया कि हत्या पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी, जिसमें सोनम, उनके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और अन्य आरोपी शामिल थे।

पुलिस इस मामले में 700 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और हत्या को सुनियोजित अपराध बताया है।

आगे क्या होगा?

अब सुप्रीम कोर्ट मेघालय सरकार की याचिका पर विस्तृत सुनवाई करेगा। अदालत यह भी जांचेगी कि हाईकोर्ट द्वारा दिया गया जमानत आदेश कानून के अनुरूप था या नहीं। फिलहाल सोनम रघुवंशी जमानत पर बाहर रहेंगी, लेकिन अंतिम फैसला आगामी सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

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