रायपुर में आयोजित एक प्रेरक कार्यक्रम के दौरान रमेन डेका ने संत गोविंद राम शदाणी शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय की छात्राओं से सीधा संवाद किया। लोकभवन में हुए इस कार्यक्रम में राज्यपाल ने छात्राओं को शिक्षा, जीवन प्रबंधन और सफलता से जुड़े महत्वपूर्ण सूत्र बताए।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी के लिए अनुशासन सबसे अहम होता है। बिना अनुशासन के सफलता संभव नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य तय कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने से ही बेहतर परिणाम मिलते हैं।

उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन परिश्रम के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का होना भी जरूरी है। शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति के भीतर अच्छे गुणों का विकास होता है।
‘तुलना नहीं, आत्मसंतोष जरूरी’
रमेन डेका ने कहा कि व्यक्ति को दूसरों से तुलना कर दुखी नहीं होना चाहिए, बल्कि अपने भीतर की खुशी को पहचानना चाहिए। उन्होंने कहा कि संतोष और सकारात्मक सोच जीवन को बेहतर बनाते हैं।
महिलाओं की भूमिका पर खास जोर
राज्यपाल ने भारतीय संस्कृति में महिलाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि नारी समाज की आधारशिला है। उन्होंने नारी की तुलना पानी से करते हुए कहा कि जैसे पानी के बिना जीवन संभव नहीं, वैसे ही महिलाओं के बिना सृष्टि अधूरी है।
छात्राओं के सवाल, राज्यपाल के जवाब
संवाद के दौरान छात्राओं ने तनाव प्रबंधन, सोशल मीडिया से दूरी, कौशल विकास, नारी सशक्तिकरण और करियर से जुड़े कई सवाल पूछे। राज्यपाल ने सभी प्रश्नों का सरल और प्रेरक तरीके से उत्तर दिया।
इस मौके पर पुरंदर मिश्रा ने भी छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उनके सवालों का समाधान किया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. उषा अग्रवाल ने स्वागत भाषण दिया। अंत में राज्यपाल ने छात्राओं को स्मृति चिन्ह देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस कार्यक्रम ने छात्राओं को न केवल प्रेरित किया, बल्कि उन्हें अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए नई दिशा भी दी।