ब्रिटेन की राजनीति और शाही गलियारों में उस समय हलचल मच गई जब प्रिंस एंड्रयू को कथित रूप से गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई। वे ब्रिटेन के सम्राट किंग चार्ल्स III के छोटे भाई हैं। मामला अमेरिकी दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े विवादों और संवेदनशील दस्तावेज साझा किए जाने के आरोपों से जुड़ा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस सार्वजनिक पद के दुरुपयोग और गोपनीय जानकारी साझा करने के आरोपों की जांच कर रही है। एपस्टीन प्रकरण में पहले भी एंड्रयू का नाम सामने आ चुका है। पीड़िता वर्जीनिया गिफर ने आरोप लगाया था कि कम उम्र में उनके साथ दुराचार हुआ, जिसे एंड्रयू ने सिरे से खारिज किया था। हालांकि 2022 में उन्होंने मुकदमा समाप्त करने के लिए आर्थिक समझौता किया था।
एपस्टीन विवाद के बाद शाही परिवार ने उनसे आधिकारिक शाही कर्तव्य और “प्रिंस” की उपाधि वापस ले ली थी। हालिया दस्तावेजों में कथित रूप से संवेदनशील व्यापारिक सूचनाएं साझा किए जाने का भी जिक्र है, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया है।
शाही सूत्रों के मुताबिक, परिवार ने जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देने की बात कही है। वहीं, किंग चार्ल्स ने स्पष्ट किया है कि कानून अपना काम करेगा।
यह मामला न केवल ब्रिटिश राजघराने की साख पर सवाल खड़े करता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और कानूनी बहस को भी तेज कर रहा है।