लिव-इन कानूनी संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने लिव-इन कानूनी संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि हर लिव-इन रिलेशनशिप को स्वतः आपराधिक कानून का संरक्षण नहीं मिलेगा। हालांकि, यदि रिश्ता विवाह जैसा हो और दोनों का शादी करने का वास्तविक इरादा साबित हो, तो महिला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85 के तहत घरेलू…