मानसून वापसी के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम बदल गया है। बंगाल की खाड़ी से उठा मौसमी सिस्टम सक्रिय है। इसका असर मध्य और उत्तर भारत तक पहुंच रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली में बारिश का दौर है। वहीं, उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा बना है।
मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। साथ ही, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का जोखिम भी बढ़ा है।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना बारिश की वजह
इस बदलाव के पीछे एक सक्रिय डिप्रेशन अहम कारण है। यह सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ और ओडिशा के पास बना था। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। IMD के अनुसार, सिस्टम उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए आगे बढ़ रहा था।
यह सिस्टम अपने साथ नमी वाली हवाएं ला रहा है। इसलिए इसके रास्ते में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में इसका असर देखा जा रहा है। इसके अलावा, पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भी बारिश जारी है।
पश्चिमी विक्षोभ ने बढ़ाया मौसम का असर
उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से आई नमी इसके साथ मिल रही है। इससे बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ रही हैं।
दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम बदला है। यहां हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। IMD ने गरज और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
मानसून वापसी के दौरान इन दोनों प्रणालियों का असर खास है। इनके कारण मौसम कुछ दिनों तक अस्थिर रह सकता है।
किन राज्यों में बारिश का ज्यादा असर
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का दौर बना हुआ है। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता अधिक रहने का अनुमान है। उत्तराखंड में 26 से 28 सितंबर तक बारिश का असर रह सकता है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश जारी है। डिप्रेशन के कारण इन राज्यों में मौसम सक्रिय हुआ है। वहीं, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी बारिश की गतिविधियां हैं।
हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी मौसम बदल सकता है। कुछ इलाकों में तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
अगले कुछ दिनों तक कैसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रह सकती है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का असर ज्यादा रहेगा। दिल्ली-एनसीआर में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।
मध्य भारत में भी कुछ स्थानों पर बारिश का दौर रह सकता है। इसके बाद बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने का अनुमान है। सितंबर के अंत तक मौसम में सुधार शुरू हो सकता है।
मानसून वापसी पर क्यों लगा अस्थायी ब्रेक
उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों से मानसून लौटना शुरू हो चुका है। दिल्ली से मानसून की विदाई 23 सितंबर को हो गई थी। इसके बावजूद नए मौसम सिस्टम से बारिश लौट आई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सक्रिय प्रणालियों के कारण विदाई की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। ताजा रिपोर्टों में 2 अक्टूबर के आसपास फिर वापसी शुरू होने की संभावना बताई गई है। मध्य और पूर्वी भारत से पूरी विदाई अक्टूबर के आसपास होने का अनुमान है।
बारिश के दौरान लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए
बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना जरूरी है। पहाड़ी क्षेत्रों में जाने से पहले मौसम की जानकारी लें। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने से बचें। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें।