रायपुर में अंत्योदय सेवा वंदन पर्व का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में हुआ।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसमें शामिल हुए।
कार्यक्रम में सेवा और समर्पण की कहानियां दिखाई गईं।
‘अनकही कहानियां’ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत हुआ।
‘नमो सेवा गाथा’ का भी मंचन किया गया।
कार्यक्रम में समाज सेवा से जुड़े लोगों को सम्मान मिला।
पुलिस और सेना के जवानों को भी सम्मानित किया गया।
अर्धसैनिक बलों के सदस्यों को भी प्रशस्ति पत्र मिले।
नागरिक सेवाओं से जुड़े लोगों का भी सम्मान हुआ।
समाजसेवियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी सम्मानित लोगों को प्रशस्ति पत्र दिए।
अंत्योदय सेवा वंदन में सेवा भावना का संदेश
मुख्यमंत्री ने सेवा को समाज की ताकत बताया।
उन्होंने सेवाभावी लोगों के योगदान की सराहना की।
उन्होंने कहा कि सम्मान से प्रेरणा मिलती है।
इससे युवा सेवा के रास्ते पर आगे बढ़ सकते हैं।
समाज में जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होती है।
साथ ही जनभागीदारी को बढ़ावा मिलता है।
अंत्योदय और जनसेवा पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री ने अंत्योदय को विकास का आधार बताया।
उन्होंने अंतिम व्यक्ति तक योजनाएं पहुंचाने की बात कही।
जरूरतमंदों को सुविधाएं देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने सेवा और सुशासन को प्राथमिकता बताया।
जनकल्याण के कार्यों में भागीदारी बढ़ाने की बात कही।
सामाजिक जिम्मेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया।
स्वच्छता और स्वास्थ्य से जुड़े कार्य जारी हैं।
रक्तदान और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर है।
जरूरतमंदों की सहायता भी अभियान का हिस्सा है।
अंत्योदय सेवा वंदन में जनभागीदारी की झलक दिखी।
अलग-अलग वर्गों के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
इससे सामाजिक सहभागिता का संदेश सामने आया।
लोककला और देशभक्ति से सजा कार्यक्रम
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोककला दिखाई गई।
कलाकारों ने लोकगीत और जसगीत प्रस्तुत किए।
भजन और राउत नाचा भी प्रस्तुत किया गया।
पारंपरिक समूह नृत्यों ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
बांसुरी वादन और नाट्य प्रस्तुतियां भी हुईं।
देशभक्ति गीतों ने कार्यक्रम में उत्साह बढ़ाया।
महिला समूहों ने लोकगीत और समूह नृत्य प्रस्तुत किया।
दिव्यांग बच्चों ने देशभक्ति समूह गीत पेश किया।
उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
श्रम विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रतिभागी भी शामिल हुए।
स्वच्छता संदेश पर विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति हुई।
नुक्कड़ नाटक से भी सामाजिक संदेश दिया गया।
अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकारों ने दिखाई प्रतिभा
रायपुर के कलाकारों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
आरंग और अभनपुर से भी कलाकार पहुंचे।
धरसींवा और खरोरा के कलाकार भी शामिल हुए।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी शमा अंजुम भी मौजूद रहीं।
ड्रोन दीदी अंजना दास ने भी प्रस्तुति दी।
उन्होंने अपने पुत्र के साथ गीत प्रस्तुत किया।
अंत्योदय सेवा वंदन में लोककला की विविधता दिखी।
विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों ने अपनी प्रतिभा दिखाई।
साथ ही सामाजिक संदेशों को प्रस्तुतियों से जोड़ा गया।
मुख्यमंत्री ने तीन नवाचारों की शुरुआत की
मुख्यमंत्री ने रायपुर जिला प्रशासन के तीन नवाचार शुरू किए।
इनमें ‘प्रोजेक्ट राहत’ भी शामिल है।
इसके अलावा ‘प्रोजेक्ट ध्वस्त’ की शुरुआत हुई।
Advance AI आधारित ‘ताकत है MY’ भी शुरू किया गया।
इन नवाचारों के जरिए प्रशासनिक काम आसान होंगे।
तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।
‘प्रोजेक्ट राहत’ प्राकृतिक आपदा से जुड़ा है।
इससे प्रभावित लोगों को राहत देने में मदद मिलेगी।
आरबीसी 6(4) के तहत राहत राशि दी जाती है।
नई व्यवस्था से प्रक्रिया को तेज करने का प्रयास है।
इससे प्रभावित लोगों तक सहायता जल्दी पहुंच सकती है।
प्रशासनिक काम को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर है।
कार्यक्रम की प्रमुख गतिविधियां
- सेवाभावी नागरिकों को सम्मानित किया गया।
- पुलिस और सेना के सदस्यों को सम्मान मिला।
- अर्धसैनिक बलों के कर्मियों को प्रशस्ति पत्र दिए गए।
- लोकगीत और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए गए।
- दिव्यांग बच्चों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया।
- सामाजिक संदेशों पर आधारित कार्यक्रम हुए।
शुरू किए गए प्रमुख नवाचार
- ‘प्रोजेक्ट राहत’ का शुभारंभ किया गया।
- ‘प्रोजेक्ट ध्वस्त’ की शुरुआत की गई।
- Advance AI आधारित ‘ताकत है MY’ शुरू हुआ।
- आपदा राहत प्रक्रिया को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
- प्रशासनिक कार्यों में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया।
अंत्योदय सेवा वंदन पर्व में सेवा का संदेश प्रमुख रहा।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को सम्मान मिला।
साथ ही छत्तीसगढ़ की लोककला भी सामने आई।
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