एनआईए ने भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े मामले में झारखंड के गिरिडीह और छत्तीसगढ़ के माओवादी क्षेत्रों में छापेमारी की। आपत्तिजनक सामग्री जब्त।
रायपुर। एनआईए नक्सल विरोधी अभियान के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को झारखंड के गिरिडीह में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े एक मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान संदिग्धों और नक्सलियों के घरों और अन्य परिसरों की तलाशी ली गई। एनआईए की टीमों ने मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पर्चे और डिजिटल उपकरणों समेत कई आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।
एनआईए नक्सल विरोधी अभियान प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के नक्सल कैडर कृष्णा हांसदा की गिरफ्तारी के बाद की गई। हांसदा को जनवरी 2023 में झारखंड के डुमरी स्थित लुसियो वन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था।
जांच एजेंसी ने पाया कि गिरिडीह के पारसनाथ इलाके में कई संदिग्ध सीपीआई (माओवादी) को रसद और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आपूर्ति में शामिल थे। एनआईए ने गरियाबंद और धमतरी जिलों के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में भी तलाशी ली। इन इलाकों में रावनडिग्गी, सेमरा, मैनपुर, और अन्य गांव शामिल हैं।
जांच में यह खुलासा हुआ कि मैनपुर-नुआपाड़ा डिवीजन पिछले साल नवंबर में विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षाबलों पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार था। आज की तलाशी के दौरान 1.5 लाख रुपये नकद और कई अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की गई।
अब तक एनआईए ने इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। छापेमारी से माओवादी नेटवर्क पर गहरा प्रहार हुआ है।