बस्तर में नक्सल संगठन को तगड़ा झटका लगा है, जिससे नक्सल विरोधी अभियान को नई ऊर्जा मिली है।
बीजापुर जिले में 25 इनामी नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इन नक्सलियों पर कुल एक करोड़ 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
इनमें एक नक्सली दंपति, 25 लाख का ईनामी एसजेडसीएम और कई आईडी ब्लास्ट व फायरिंग मामलों के आरोपी शामिल हैं।
वहीं कांकेर जिले में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यहां 62 लाख के इनामी 13 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है।
इनमें पांच महिला नक्सली और एक कंपनी कमांडर भी हैं, जिन्होंने संगठन से नाता तोड़ दिया।
सरकार की ‘नियद नेल्लानार’ योजना और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने आत्मसमर्पण का फैसला लिया है।
अब तक 2025 में कुल 242 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल बढ़ा है।
आईजी पी. सुंदरराज, डीआईजी कमलोचन कश्यप और एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव की मौजूदगी में यह आत्मसमर्पण हुआ।
अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
साल 2025 में अब तक 300 नक्सली गिरफ्तार किए जा चुके हैं और 127 मुठभेड़ में मारे गए हैं।
यह सफलता सरकार की दृढ़ नीति और सुरक्षा बलों की रणनीति का नतीजा है, जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीद बढ़ी है।