राज्य मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान को स्वीकृति दी है। यह अभियान शासकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु चलाया जाएगा।
इस अभियान के माध्यम से बच्चों की शैक्षणिक उपलब्धियों में सुधार लाने पर सरकार विशेष जोर देगी। शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता भी बढ़ाई जाएगी।
इसके अंतर्गत सभी विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण होगा। गुणवत्ता के आधार पर विद्यालयों को ग्रेडिंग प्रदान की जाएगी।
कमजोर विद्यालयों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की मदद ली जाएगी।
मॉडल स्कूलों का चयन कर कमजोर विद्यालयों के शिक्षकों को वहाँ शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा। इससे नवाचारों का आदान-प्रदान संभव होगा।
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान पालक-शिक्षक संवाद को बढ़ावा देगा। पीटीएम की नियमितता से बच्चों की प्रगति में पारदर्शिता आएगी।
कक्षा शिक्षण में सुधार लाकर विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को निखारने का प्रयास किया जाएगा। इससे परीक्षा परिणाम भी बेहतर हो सकेंगे।
अभियान के संचालन हेतु स्कूल शिक्षा विभाग विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि हर स्तर पर गुणवत्ता लागू हो।
राज्य सरकार का यह निर्णय शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
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