मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम एक बार फिर आम नागरिकों के लिए राहत का माध्यम बना। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से समस्याएं सुनते हुए राशन कार्ड, दिव्यांग सहायता और चिकित्सा उपचार से जुड़े मामलों में तुरंत निर्णय लिए, जिससे कई जरूरतमंदों को तत्काल लाभ मिला।
रायपुर के तात्यापारा वार्ड निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक हनुमंत राव ने जनदर्शन में बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उनका नाम राशन कार्ड से हट गया, जिससे वे शासकीय योजनाओं से वंचित हो गए। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल नया राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। इससे हनुमंत राव जैसे जरूरतमंद श्रमिक को फिर से सरकारी सुविधाओं से जुड़ने की उम्मीद मिली।
जनदर्शन के दौरान दिव्यांगजनों की सहायता को भी प्राथमिकता दी गई। आरंग निवासी भारत साहू और खमतराई के जीवन दास मानिकपुरी को बैटरी चालित ट्राइसिकल प्रदान की गई, जबकि मोवा निवासी चंदू यादव को ट्राइसिकल और सुमन साहू को व्हीलचेयर दी गई। इसके साथ ही रायपुर निवासी सागर नायक और उमेश पटेल को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे उनके दैनिक जीवन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
कार्यक्रम में चिकित्सा सहायता का भी संवेदनशील उदाहरण देखने को मिला। महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के ग्राम बड़ेटेमरी की निवासी बसंती साव, जो गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के तहत 5 लाख रुपये की सहायता राशि तत्काल स्वीकृत की गई। इस निर्णय से उनके इलाज में आर्थिक सहारा मिला है।
मुख्यमंत्री जनदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय आम नागरिकों की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।