प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम साबित हुई है। इसके साथ ही सरकार रोजगार, उद्योग, पर्यटन और सुशासन पर भी लगातार काम कर रही है।
मुख्य बातें
- 68.50 लाख महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता।
- अब तक 29 किश्तों का भुगतान।
- 18,800 करोड़ रुपये से अधिक राशि जारी।
- 30 लाख महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ीं।
- बस्तर में विकास और रोजगार को बढ़ावा।
महतारी वंदन योजना से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। कई महिलाएं छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं। कुछ परिवार बच्चों की शिक्षा पर खर्च कर रहे हैं। वहीं कई महिलाएं बचत और निवेश भी कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दानसरा गांव की महिलाओं ने योजना की राशि से राम मंदिर निर्माण की शुरुआत की। यह सामाजिक भागीदारी का प्रेरक उदाहरण है।
महतारी वंदन योजना के साथ बढ़ा महिला स्वावलंबन
प्रदेश में 2.86 लाख महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। इनसे करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। सरकार इन्हें स्वरोजगार से जोड़ रही है। साथ ही रेडी-टू-ईट कार्यक्रम और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बस्तर में विकास को मिली नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में अब विकास का नया दौर शुरू हो चुका है। नियद नेल्ला नार योजना के तहत 500 से अधिक गांवों तक सरकारी योजनाएं पहुंची हैं। इसके अलावा 36 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है।
सरकार सिंचाई, पर्यटन और वनोपज आधारित उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। नई औद्योगिक नीति के तहत होम-स्टे और स्थानीय उद्यमों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। महतारी वंदन योजना जैसी पहलें महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को लगातार मजबूत कर रही हैं।
सरकार की अन्य प्रमुख प्राथमिकताएं
- बस्तर में सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार।
- पर्यटन और होम-स्टे को बढ़ावा।
- कौशल विकास कार्यक्रमों का संचालन।
- निजी निवेश से रोजगार के नए अवसर।
- पीएससी जांच और नई शिक्षक भर्ती की तैयारी।
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