प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर से राज्यपाल श्री रमेन डेका ने लोकभवन में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सेवा भाव, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के वर्ष 2025 बैच के अधिकारी वर्तमान में प्रशासनिक अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने अकादमी के महानिदेशक टी.सी. महावर के नेतृत्व में राज्यपाल से भेंट की।
प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर को जनहित सर्वोपरि रखने की सलाह
राज्यपाल ने कहा कि हर प्रशासनिक निर्णय में मानवीय संवेदनाएं शामिल होनी चाहिए। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करना चाहिए। लोगों से संवाद बनाए रखना भी आवश्यक है। इससे समस्याओं की सही जानकारी मिलती है और समाधान आसान होता है।
तार्किक सोच और पारदर्शिता पर दिया जोर
राज्यपाल ने कहा कि अधिकारी तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लें। यदि कोई कार्य संभव नहीं है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी संबंधित व्यक्ति को दी जानी चाहिए। इससे प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होता है।
उन्होंने कहा कि न्याय दिलाना प्रत्येक लोक सेवक का पहला दायित्व है। हर निर्णय में निष्पक्षता और जवाबदेही दिखाई देनी चाहिए।
मुख्य बातें
- लोकभवन में राज्यपाल ने प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर से की मुलाकात।
- प्रशासनिक सेवा को जनसेवा का अवसर बताया।
- जनता से नियमित संवाद रखने की सलाह दी।
- पारदर्शी और तार्किक निर्णय लेने पर जोर।
- सुशासन और जन विश्वास मजबूत करने का संदेश दिया।
युवा अधिकारियों से बड़ी अपेक्षाएं
राज्यपाल ने कहा कि युवा अधिकारियों के कंधों पर भविष्य के प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्हें अपने कार्यों से सुशासन और पारदर्शिता को मजबूत करना होगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ शांत, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य है। यहां सेवा करते समय जनता के विश्वास और अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही एक सफल अधिकारी की पहचान होगी।
बैठक में कौन-कौन रहे उपस्थित
बैठक में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी की प्रशिक्षण निदेशक श्रीमती मेनका प्रधान, महानिदेशक टी.सी. महावर और वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्य अपडेट
- राज्यपाल ने प्रशिक्षु अधिकारियों को किया संबोधित।
- सेवाभाव और संवेदनशील प्रशासन पर जोर दिया।
- जनता से संवाद बढ़ाने की सलाह।
- निष्पक्ष और तार्किक निर्णय लेने का संदेश।
- सुशासन और जन विश्वास को प्राथमिकता देने की अपील।
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