गौरेला-पेंड्रा-मरवाही ज़िले के बैगा बाहुल्य गांव चुकतीपानी में सोमवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अचानक हेलीकॉप्टर से पहुंचे।
उन्होंने सुशासन तिहार के अंतर्गत बिना पूर्व सूचना के चौपाल लगाई और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है और सरकारी योजनाएं अधूरी हैं। मुख्यमंत्री ने जल संकट पर चेतावनी देते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सब इंजीनियर को फटकार लगाई।
सीएम ने कहा, “या तो काम करो, या सस्पेंड होने तैयार रहो। ये सरकार का काम है, कोई मज़ाक नहीं।”
उन्होंने चौपाल के दौरान ओवरफ्लो होती पानी टंकी देखी और नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आर.के. मिश्रा को तत्काल सस्पेंड करने के निर्देश दिए।
शिक्षा में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन पर भी मुख्यमंत्री ने नाराज़गी जताई।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश कुमार शास्त्री को पद से हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
चौपाल में आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री का ग्रामीणों ने गुलमोहर की माला, तेंदू फल की टोकरी और फूलों से स्वागत किया।
चुकतीपानी गांव में महुआ पेड़ के नीचे लगे चौपाल में मुख्यमंत्री का यह औचक दौरा ग्रामीणों के लिए आश्चर्यचकित कर देने वाला रहा।
मिनी स्टेडियम और स्कूल मरम्मत की घोषणा
ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने मिडिल स्कूल भवन की मरम्मत और मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने की घोषणा की।
उन्होंने योजनाओं की प्रगति की जमीनी जांच कर लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी भी दी।
अधिकारी और ग्रामीण रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव पी. दयानंद समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
बड़ी संख्या में ग्रामीण भी इस चौपाल में उपस्थित थे और सरकार से संवाद का यह सीधा तरीका उन्हें उत्साहित कर गया।
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