छत्तीसगढ़ के Bilaspur में सरकारी व्यवस्था की सुस्ती के खिलाफ एक अनोखा विरोध सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। तिफरा-सिरगिट्टी क्षेत्र के निवासी तरुण साहू ने हाउसिंग बोर्ड की लापरवाही से परेशान होकर ऐसा तरीका अपनाया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने एक साल से लंबित अपने फ्लैट के नामांतरण और गुम फाइल के विरोध में अधिकारियों को बादाम भेंट कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
जानकारी के अनुसार, तरुण साहू ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के तहत एक फ्लैट खरीदा था और विधिवत रजिस्ट्री के बाद नामांतरण के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे। सामान्यतः यह प्रक्रिया कुछ ही महीनों में पूरी हो जाती है, लेकिन उनका मामला एक साल से अधिक समय तक लंबित रहा। जब वे बार-बार कार्यालय पहुंचे, तो हर बार उन्हें यही बताया गया कि उनकी फाइल नहीं मिल रही या उसे खोजा जा रहा है।
लगातार चक्कर लगाने और समाधान न मिलने से निराश होकर तरुण साहू ने विरोध का अनोखा तरीका चुना। वह करीब 500 ग्राम बादाम लेकर कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को देते हुए कहा कि इसे खाने से याददाश्त तेज होगी और शायद उनकी फाइल भी मिल जाए। यह व्यंग्यात्मक विरोध अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में फाइलों के गुम होने और काम में देरी की समस्या को उजागर किया है। स्थानीय लोग भी इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि आम नागरिकों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। बताया जा रहा है कि तरुण साहू इस प्रक्रिया के लिए 50 से अधिक बार कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, जिससे उनकी परेशानी और भी बढ़ गई है।