छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में व्यापक सुधार की दिशा में एक संगठित प्रयास के रूप में “अटल आरोग्य लैब” योजना का क्रियान्वयन प्रारंभ किया गया है। इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं वनांचल क्षेत्रों तक आधुनिक एवं निःशुल्क जांच सुविधाएं पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अप्रैल 2026 से प्रारंभ इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1046 शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन केंद्रों पर रक्त, शुगर, थायरॉयड, किडनी एवं लिवर फंक्शन सहित कुल 133 प्रकार की जांचें निःशुल्क की जा रही हैं। इसके साथ ही, जांच रिपोर्ट को एसएमएस एवं व्हाट्सएप माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था से सेवा वितरण की पारदर्शिता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की गई है।
बस्तर संभाग में इस योजना के साथ-साथ एक व्यापक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग अभियान भी संचालित किया जा रहा है। 2,527 गांवों में 16.77 लाख नागरिकों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए 2,235 से अधिक टीमों का गठन किया गया है। यह टीमें घर-घर जाकर नागरिकों की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर रही हैं, जिससे रोगों की प्रारंभिक पहचान एवं उपचार सुनिश्चित हो सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में वृद्धि का प्रभाव आंकड़ों में भी परिलक्षित हुआ है। मलेरिया के मामलों में वर्ष 2015 की तुलना में 72 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है तथा पॉजिटिविटी दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से जनस्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव संभव है।
इसके अतिरिक्त, पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है। विशेष शिविरों के माध्यम से नागरिकों को जांच एवं उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे सेवा पहुंच का दायरा बढ़ा है।
समग्र रूप से यह पहल बस्तर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं पहुंच को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उभर रही है।