दुर्ग में जेल से संचालित धमकी और वसूली का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यह मामला जेल से वसूली धमकी से जुड़ा है।
भाजयुमो नेता लोकेश पांडेय, जो कि दुर्ग जेल में विचाराधीन कैदी हैं, को जान से मारने की धमकी दी गई। यह धमकी राजनांदगांव जेल में बंद आरोपी रवि विठ्ठल ने दी, जिसने जेल में रहते हुए फोन से यह साजिश रची।
रवि विठ्ठल ने पीड़ित अभिषेक पांडेय से कहा कि यदि पैसे नहीं दिए गए, तो वह जेल में ही उसके भाई की हत्या करवा देगा। इस धमकी से डरे अभिषेक ने आरोपी के बताए व्यक्ति को 5 लाख नकद और 2.95 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
इस तरह जेल से वसूली धमकी के जरिए कुल 7.95 लाख रुपये और सोने की ज्वेलरी ठगी गई। आरोपी ने अपने बेटे के जन्मदिन के बहाने सोने की चेन और लॉकेट भी गिफ्ट के रूप में मंगवाया।
19 जुलाई 2023 को कोर्ट में पेशी के दौरान भी रवि ने पीड़ित को धमकी दी और पैसे मांगे। इससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी जेल के भीतर भी पूरी योजना के साथ काम कर रहा था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी रवि विठ्ठल को प्रोडक्शन वारंट पर राजनांदगांव जेल से लाकर गिरफ्तार किया। इससे पहले तीन अन्य आरोपी – महेश्वरी बघेल उर्फ पूजा, गुरमीत कौर और विशाल सोनी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
अब पुलिस जांच कर रही है कि जेल से वसूली धमकी देने वाले को मोबाइल किसने उपलब्ध कराया और क्या जेल स्टाफ की इसमें संलिप्तता थी।
यह मामला न केवल जेल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अपराधी जेल के अंदर से भी अपनी पकड़ बनाए रख सकते हैं। इसलिए जेलों की निगरानी व्यवस्था को और अधिक सख्त करने की आवश्यकता है।