इजरायल का सीरिया पर हमला, हथियार विद्रोहियों तक पहुंचने से रोकने के लिए हमले तेज।
इजरायल का सीरिया पर हमला, सीरिया के तटीय टार्टस क्षेत्र में रविवार रात भारी हवाई हमले किए। इन हमलों में एडवांस हथियार स्टोर करने वाले सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इजरायल ने “भूकंप बम” गिराए, जिससे धरती कांप उठी और तीन तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन हमलों को सुरक्षा खतरों को विफल करने और उत्तरी सीमा पर स्थिरता बनाए रखने का प्रयास बताया। इजरायल लंबे समय से सीरिया पर हमले कर रहा है ताकि हिजबुल्लाह जैसे समूहों तक खतरनाक हथियार न पहुंच सकें।
मुख्य बिंदु:
- गोलान हाइट्स रणनीति:
इजरायल गोलान हाइट्स पर नियंत्रण मजबूत करने की कोशिश में है। 1967 की लड़ाई में कब्जा किए इस क्षेत्र को 1981 में उसने अपने क्षेत्र में मिला लिया। - हमलों का प्रभाव:
इजरायल ने सीरिया के 23वीं एयर डिफेंस ब्रिगेड के बेस और मिसाइल गोदामों को तबाह कर दिया। यह 2012 के बाद से इस क्षेत्र में सबसे बड़ी बमबारी है। - गृहयुद्ध की समाप्ति:
2011 से जारी गृहयुद्ध हाल ही में खत्म हुआ। विद्रोहियों के सत्ता में आने के बाद इजरायल की चिंता बढ़ गई है कि सेना के हथियार आतंकियों तक पहुंच सकते हैं।
विवाद और प्रतिक्रिया:
सऊदी अरब और यूएई सहित अरब देशों ने इन हमलों की निंदा की है। इजरायल ने हाल ही में गोलान क्षेत्र में अपनी आबादी दोगुना करने के लिए 11 मिलियन डॉलर की योजना को मंजूरी दी है।
यह 2012 के बाद से इस क्षेत्र में सबसे तेज बमबारी है। इजरायल द्वारा एयर डिफेंस सिस्टम और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल गोदामों सहित सैन्य स्थलों को निशाना बनाया गया है।