रायपुर। छत्तीसगढ़ में वाहन मालिकों से HSRP (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) के नाम पर वसूली गई रकम अब सवालों के घेरे में आ गई है। वाहन धारकों का आरोप है कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ में HSRP की दरें अधिक वसूली जा रही हैं, जिससे एक संभावित घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
देश में कितना, छत्तीसगढ़ में कितना?
जहां उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली जैसे राज्यों में HSRP की कीमत दोपहिया वाहनों के लिए ₹150–₹200 और चारपहिया वाहनों के लिए ₹250–₹400 के बीच है, वहीं छत्तीसगढ़ में यही कीमतें ₹350–₹500 तक पहुंच रही हैं। यह अंतर एक संगठित लूट या प्राइवेट ठेकेदारों से सांठगांठ की ओर इशारा करता है।
किसके आदेश से वसूली?
HSRP योजना केंद्र सरकार की सुरक्षा नीति का हिस्सा है, लेकिन राज्य स्तर पर इसके क्रियान्वयन का जिम्मा RTO (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) के पास होता है। ऐसे में कीमतों में असमानता और पारदर्शिता की कमी सरकार और विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
शिकायतों का अंबार
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव समेत कई जिलों से लोगों ने ऑनलाइन बुकिंग में मनमानी कीमतें, स्लॉट न मिलने और समय पर प्लेट न लगने की शिकायतें की हैं। इसके अलावा, कुछ एजेंसियों द्वारा कैश में भुगतान लेकर रसीद न देना भी एक प्रमुख मुद्दा बनता जा रहा है।
RTI और PIL की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, कई सामाजिक कार्यकर्ता और वाहन संघ इस विषय पर RTI दाखिल करने और PIL (जनहित याचिका) दायर करने की तैयारी में हैं। मांग की जा रही है कि छत्तीसगढ़ सरकार एक स्वतंत्र जांच आयोग गठित कर HSRP लागू करने की प्रक्रिया और वसूली की दरों की समीक्षा करे।
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