जशपुर जिले के मनोरा विकासखंड स्थित ग्राम गुतकिया में लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी गुतकिया सिंचाई योजना को पुनर्जीवित कर किसानों के लिए फिर से उपयोगी बनाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग के संयुक्त प्रयासों से नहर मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद अब किसानों को नियमित सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे क्षेत्र के कृषि विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की भावना को मिला बल
पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के पुनरोद्धार और सिंचित क्षेत्र के विस्तार के उद्देश्य से गुतकिया सिंचाई योजना पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की भावना के अनुरूप इस परियोजना को पुनः सक्रिय करने का कार्य किया गया है। प्रशासन का मानना है कि पुरानी योजनाओं को पुनर्जीवित करने से कम लागत में अधिक किसानों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाई जा सकती है। यह कदम जल संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मनरेगा के माध्यम से पूरी हुई नहर मरम्मत
गुतकिया सिंचाई योजना के तहत नहर मरम्मत कार्य मनरेगा के माध्यम से कराया गया। इस कार्य के लिए लगभग 11 लाख 98 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण होने के बाद योजना को फिर से चालू कर दिया गया है। इससे न केवल सिंचाई सुविधा बहाल हुई बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिला।
100 एकड़ भूमि को मिलेगा सीधा लाभ
नहर की मरम्मत के बाद गुतकिया सिंचाई योजना से लगभग 100 एकड़ कृषि भूमि सिंचित होगी। इससे किसान खरीफ के साथ-साथ रबी फसलों की खेती भी आसानी से कर सकेंगे। वर्षभर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होने से फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आय बढ़ेगी। ग्रामीणों का मानना है कि यह परियोजना खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कृषि विकास और समृद्धि की नई उम्मीद
गुतकिया सिंचाई योजना के पुनर्जीवन से आदिवासी क्षेत्र के किसानों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधा के कारण किसान अब धान के अलावा अन्य लाभकारी फसलों की खेती भी कर सकेंगे। इससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्थानीय किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
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