प्रदेश में रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने नई पहल तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ रेलवे परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। बैठक में नई रेल लाइनों, लंबित परियोजनाओं और रेलवे अधोसंरचना के विकास पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक, कृषि और खनिज संसाधनों के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य है। इसलिए मजबूत रेल नेटवर्क से व्यापार, पर्यटन, जनजातीय क्षेत्रों के विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर कार्य कर रही है।
छत्तीसगढ़ रेलवे परियोजना के तहत कटघोरा-डोंगरगढ़ लाइन पर विशेष जोर
बैठक में लगभग 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-डोंगरगढ़ रेलवे लाइन को प्राथमिकता देने पर चर्चा हुई। यह परियोजना रेल मंत्रालय और राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से विकसित की जाएगी। इसके लिए विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन प्रस्तावित है।
नई रेल लाइन कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी। इससे कई ऐसे क्षेत्र पहली बार रेलवे नेटवर्क से जुड़ेंगे, जहां अभी तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है।
रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन से बस्तर को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ रेलवे परियोजना के अंतर्गत रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन की प्रगति की भी समीक्षा की गई। लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बस्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके साथ ही उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय व्यापार को भी नई संभावनाएं मिलेंगी।
मुख्य बातें
- मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से नई परियोजनाओं पर चर्चा की।
- कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन को प्राथमिकता मिली।
- रावघाट-जगदलपुर परियोजना की समीक्षा हुई।
- जनजातीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत करने पर जोर।
- केंद्र और राज्य मिलकर परियोजनाओं को आगे बढ़ाएंगे।
तीन नई रेल परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का आग्रह
बैठक में मुख्यमंत्री ने सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर, धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा और अंबिकापुर-बरवाडीह रेल परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया। इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।
रेल मंत्री ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार करने और आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। इससे भविष्य में व्यापार, पर्यटन और खनिज परिवहन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एक नजर में
- तीन नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी का प्रस्ताव।
- उत्तर छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी होगी मजबूत।
- व्यापार और पर्यटन को मिलेगा लाभ।
- स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना।
- रेल मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया।
बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी सरकार का फोकस
छत्तीसगढ़ रेलवे परियोजना के तहत किरंदुल-कोत्तागुडेम और गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल नई रेल लाइनों के सर्वे कार्य की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे जल्द पूरा कर निर्माण प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से बस्तर क्षेत्र की रेल पहुंच और बेहतर होगी। साथ ही आदिवासी अंचलों में आर्थिक गतिविधियों, निवेश और परिवहन सुविधाओं का विस्तार होगा।
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