धार भोजशाला मामला: बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की अनुमति

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण और संतुलनकारी निर्देश जारी किया है। वर्षों से हिंदू और मुस्लिम पक्ष के बीच चल रहे इस विवाद में बसंत पंचमी के अवसर पर पूजा को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों समुदायों के धार्मिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं।

पूजा और नमाज को मिली समयबद्ध अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने बसंत पंचमी के दिन हिंदू श्रद्धालुओं को सूर्योदय से सूर्यास्त तक भोजशाला परिसर में प्रार्थना करने की अनुमति दी है। वहीं मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार के दिन दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की इजाजत प्रदान की गई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों से आपसी सौहार्द और सम्मान बनाए रखने की अपील भी की।

प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने राज्य और जिला प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने सुझाव दिया कि नमाज के लिए आने वाले लोगों की संख्या पहले से प्रशासन को बताई जाए, ताकि पास सिस्टम या अन्य उपयुक्त व्यवस्था लागू कर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

सुप्रीम कोर्ट तक क्यों पहुंचा मामला?
हिंदू पक्ष ने 20 जनवरी को शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि इस वर्ष शुक्रवार को पड़ रही बसंत पंचमी के अवसर पर भोजशाला में पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति दी जाए। चूंकि शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय द्वारा जुमे की नमाज भी अदा की जाती है, इसी कारण यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा, जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से भी वरिष्ठ वकीलों ने अपनी दलीलें प्रस्तुत कीं।

भोजशाला विवाद की पृष्ठभूमि
धार स्थित भोजशाला एक एएसआई संरक्षित स्मारक है। हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष यहां मौलाना कमालुद्दीन से जुड़ी मस्जिद का दावा करता है।
18वीं सदी में हुई खुदाई के दौरान देवी सरस्वती की प्रतिमा मिलने का उल्लेख भी विवाद का हिस्सा रहा है, जिसे अंग्रेजों द्वारा लंदन ले जाया गया था। वर्तमान में एएसआई के निर्देशानुसार, हिंदुओं को हर मंगलवार और मुस्लिमों को हर शुक्रवार यहां धार्मिक गतिविधियों की अनुमति प्राप्त है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के मद्देनज़र धार जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। आठ हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ सीसीटीवी निगरानी, वॉच टावर, पुलिस चौकियां और लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है, ताकि शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *