राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। बढ़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शुक्रवार को तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे नवंबर का महीना आगे बढ़ेगा, इंसानों के फेफड़ों पर परफॉरमेंस का दबाव और बढ़ेगा।”
थरूर का यह बयान दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा और बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर सीधा कटाक्ष माना जा रहा है। दीपावली के बाद से लगातार AQI खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। 20 अक्टूबर को हुई आतिशबाजी के बाद दिल्ली की हवा जहरीली हो गई, जिससे सांस से जुड़ी बीमारियाँ बढ़ी हैं।
थरूर, जो अक्सर अपनी अंग्रेज़ी शब्दावली को लेकर सुर्खियों में रहते हैं, इस बार अपने हिंदी बयान से चर्चा में आए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा — “जैसे-जैसे नवंबर का महीना चढ़ेगा, फेफड़ों पर परफॉरमेंस का बोझ बढ़ेगा।”
पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले 17 दिनों से दिल्ली-एनसीआर का AQI लगातार ऊँचा बना हुआ है। हालाँकि कुछ क्षेत्रों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह “आंकड़ों का खेल” है। दिल्ली की हवा में जहरीले कण अब भी मौजूद हैं और स्थिति सामान्य नहीं है।
सर्दियों के मौसम के साथ दिल्ली के लिए यह दोहरी चुनौती बन गई है — ठंड और प्रदूषण दोनों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। दीपावली और पराली जलाने जैसे कारक हवा को और खराब कर रहे हैं, जिससे लोगों में खांसी, सांस फूलना और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
थरूर के इस तंज ने एक बार फिर राजधानी की हवा और सरकारों की नीतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली के नागरिकों को उम्मीद है कि प्रदूषण से निपटने के लिए इस बार केवल “बयानबाजी” नहीं बल्कि ठोस कदम उठाए जाएंगे।