रानी दुर्गावती बलिदान दिवस पर मुख्यमंत्री साय ने किया नमन

रानी दुर्गावती

रायपुर के केनाल लिंकिंग रोड स्थित प्रतिमा स्थल पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि अर्पित की। बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान वीरांगना के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया गया।

मुख्यमंत्री ने किया रानी दुर्गावती के शौर्य का स्मरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन साहस, राष्ट्रप्रेम और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। उनका बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।

क्यों याद की जाती हैं रानी दुर्गावती?

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में कई ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने अपने साहस से नई मिसाल कायम की। उनमें रानी दुर्गावती का स्थान विशेष है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

संघर्ष की मिसाल बनी वीरांगना

उन्होंने बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी रानी ने हार नहीं मानी। उनका संघर्ष और त्याग आज भी युवाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश देता है।

इतिहास और विरासत को सहेजने पर जोर

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज के लिए अपने इतिहास और विरासत को याद रखना बेहद जरूरी है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत की जानकारी मिलती है।

भूलना पड़ सकता है भारी

उन्होंने कहा कि जो समाज अपने महापुरुषों को भूल जाता है, उसका भविष्य प्रभावित हो सकता है। वहीं अपने नायकों का सम्मान करने वाला समाज निरंतर प्रगति करता है।

मुगल सेना के सामने दिखाई अद्भुत वीरता

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में रानी दुर्गावती के जीवन के कई प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वीरांगना ने विशाल मुगल सेना के सामने अदम्य साहस का परिचय दिया था।

रानी दुर्गावती ने अंतिम क्षण तक किया संघर्ष

इतिहास के अनुसार उन्होंने अंतिम समय तक मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखा। उनका बलिदान आज भी साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक माना जाता है।

विकास और विरासत दोनों पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश आज विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी सोच के तहत महान विभूतियों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में रहे कई गणमान्य मौजूद

कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर रानी दुर्गावती के आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया गया।

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