छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai 28 मार्च को जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में हजारों श्रमिकों को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। इस कार्यक्रम में 27.15 करोड़ रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
79 हजार से अधिक श्रमिकों को मिलेगा लाभ
श्रम विभाग की 12 विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 79,340 निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को लाभ दिया जाएगा।
यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध सहायता सुनिश्चित होगी।
जशपुर में होगा भव्य श्रमिक सम्मेलन
यह कार्यक्रम जशपुर जिला मुख्यालय स्थित वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल में दोपहर 1 बजे आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन करेंगे, जबकि वित्त मंत्री ओपी चौधरी और सांसद राधेश्याम राठिया सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
इन योजनाओं के तहत मिलेगा लाभ
सम्मेलन में श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के जरिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिनमें प्रमुख रूप से—
दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना
मिनीमाता महतारी जतन योजना
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सुरक्षा उपकरण योजना
नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना
नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना
श्रमिक औजार सहायता योजना
सायकल सहायता योजना
श्रमिक आवास एवं दीर्घायु सहायता योजना
इन योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आजीविका से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार की पहल
सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं के जरिए श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक मजबूती देना है।
इस तरह के प्रयास न केवल श्रमिकों की जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाते हैं, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित करते हैं।
DBT से बढ़ी पारदर्शिता और भरोसा
DBT प्रणाली के जरिए सीधे बैंक खातों में राशि पहुंचाने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और लाभार्थियों को समय पर सहायता मिलती है।
सरकार का यह कदम श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।