रायपुर, 24 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निवेश को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने नवा रायपुर में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का विषय ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ रखा गया था। मुख्यमंत्री ने रियल एस्टेट सेक्टर को विकास का महत्वपूर्ण भागीदार बताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 के लक्ष्य में आधुनिक शहर जरूरी होंगे।
सरकार का फोकस पारदर्शी व्यवस्था और सरल प्रक्रियाओं पर है। इसके साथ ही निवेशकों के लिए बेहतर कारोबारी माहौल बनाने पर जोर है।
सुशासन और रिफॉर्म से मजबूत हो रहा कारोबारी वातावरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रशासनिक सुधारों को प्राथमिकता दी जा रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया गया है।
सरकार के अनुसार अब तक 400 से ज्यादा सुधार किए गए हैं। प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से पारदर्शिता बढ़ाने का प्रयास हुआ है। इन कदमों का उद्देश्य नागरिकों और कारोबारियों के लिए प्रक्रियाएं आसान करना है।
छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आसान प्रक्रियाओं पर जोर
राज्य सरकार निवेश से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी व्यवस्था से निवेशकों का भरोसा बढ़ता है।
नई औद्योगिक विकास नीति के बाद राज्य को बड़े निवेश प्रस्ताव मिलने की बात भी कही गई। सरकार के अनुसार इन प्रस्तावों का कुल मूल्य करीब 8 लाख करोड़ रुपये है।
रियल एस्टेट सेक्टर बनेगा विकास का भागीदार
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरीकरण के साथ आवास की मांग बढ़ रही है। आधुनिक शहरों के लिए मजबूत अधोसंरचना भी जरूरी है।
रियल एस्टेट क्षेत्र इसमें अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने डेवलपर्स से गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक परियोजनाओं पर ध्यान देने की अपील की।
सुलभ आवास के साथ व्यावसायिक परियोजनाओं की जरूरत भी बढ़ेगी। इससे निर्माण और सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बन सकते हैं।
स्टेट कैपिटल रीजन से विकास को मिलेगी नई दिशा
रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव को जोड़कर स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र का सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास है।
इस क्षेत्र में आवास और परिवहन की नई संभावनाएं बनेंगी। उद्योग और व्यापार को भी इससे गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान दे रही है। ऐसे में रियल एस्टेट क्षेत्र की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
छत्तीसगढ़ में निवेश के साथ शहरी विकास पर फोकस
सरकार ने वर्ष 2047 के लिए विकास का व्यापक विजन तैयार किया है। ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ के जरिए भविष्य की प्राथमिकताएं तय की गई हैं।
राज्य ने वर्ष 2047 तक अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए उद्योग, अधोसंरचना और शहरी विकास पर जोर दिया जा रहा है।
बस्तर में विकास और पर्यटन की नई संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने बस्तर के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और विकास के साथ नए अवसर बन रहे हैं।
सरकार दूरस्थ इलाकों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर काम कर रही है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत कई गांवों तक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
पर्यटन और होमस्टे को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।
सुशासन से निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की कोशिश
राज्य सरकार प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दे रही है। डिजिटल प्रक्रियाओं से काम को आसान बनाने का प्रयास जारी है।
छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीति और प्रशासनिक सुधारों को साथ लेकर चलने की बात कही गई है। सरकार का लक्ष्य कारोबार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने रियल एस्टेट सेक्टर सहित निजी क्षेत्र से प्रदेश के विकास में भागीदारी की अपील की। उन्होंने भविष्य की जरूरतों के अनुरूप परियोजनाएं विकसित करने पर जोर दिया।
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