गुजरात के भुज में आयोजित सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 61वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना करते हुए देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर बड़ा बयान दिया। बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र सरकार घुसपैठ के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है और किसी भी घुसपैठिए को मतदाता सूची में जगह नहीं दी जाएगी।
अमित शाह ने अपने भाषण में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशवासियों को जागरूक करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र को सुरक्षित रखने के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा—
“हम इस देश से एक-एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर बाहर निकालेंगे। SIR देश और लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।”
गृह मंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों को हटाने की प्रक्रिया का विरोध कर इसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। शाह ने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि जनता ने घुसपैठ के मुद्दे पर NDA का समर्थन किया और यह जनादेश पूरे देश का संदेश है।
उन्होंने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे चुनाव आयोग द्वारा चलाई जा रही SIR प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग दें। शाह ने दावा किया कि यह अभियान मतदाता सूची को सटीक और सुरक्षित बनाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगा।
BSF Raising Day के मंच से दिया गया यह संदेश न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था, बल्कि आगामी राजनीतिक माहौल में भी बड़े असर वाला माना जा रहा है।