छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। हंसपुर गांव में 62 वर्षीय आदिवासी किसान रामनरेश राम की कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई के बाद मौत हो गई। इस मामले में कुसमी क्षेत्र के एसडीएम करुण डहरिया को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने एसडीएम समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों पर अवैध बॉक्साइट खनन और परिवहन का आरोप लगाते हुए कथित रूप से डंडों, रॉड और लात-घूंसों से मारपीट की गई। घटना में दो अन्य ग्रामीण—अजीत उरांव और आकाश अगरिया—गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। यह पूरी घटना अवैध खनन विवाद से जुड़ी बताई जा रही है।
मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर इसे “प्रशासनिक आतंकवाद” करार दिया और राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ही कानून हाथ में लेगा तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।
इस घटना ने प्रशासनिक जवाबदेही, आदिवासी अधिकारों और अवैध खनन जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से केंद्र में ला दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है और पूरे प्रदेश की नजर इस संवेदनशील केस पर टिकी हुई है।