छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज 12 जनवरी 2026 को जिला बालोद में आयोजित प्रथम राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी में शामिल हुए। इस भव्य आयोजन में रोवर–रेंजरों द्वारा प्रस्तुत अनुशासित और आकर्षक परेड के माध्यम से मुख्यमंत्री का औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें सलामी दी गई।
बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को मिली ऐतिहासिक मजबूती
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध एक मजबूत संदेश दिया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं माननीय भारसाधक मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा 24 मार्च 2024 को रायपुर के विज्ञान महाविद्यालय मैदान से बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरुआत की गई थी। अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आते हुए जिला प्रशासन और कलेक्टर बालोद के नेतृत्व में बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा चुका है।

एक साथ सबसे अधिक लोगों को शपथ: बना वर्ल्ड रिकॉर्ड
राष्ट्रीय जंबूरी के दौरान देश–विदेश से आए स्काउट, गाइड, रोवर और रेंजरों को मुख्यमंत्री द्वारा बाल विवाह के विरुद्ध सामूहिक शपथ दिलाई गई। एक ही समय में सबसे अधिक लोगों को शपथ दिलाने के इस ऐतिहासिक आयोजन ने गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान दर्ज कराया।
यह पहल केवल रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रही, बल्कि समाज को बाल विवाह के खिलाफ एक सशक्त और प्रेरणादायक संदेश भी दिया गया।
2029 तक बाल विवाह मुक्त राज्य का लक्ष्य
महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 31 मार्च 2029 तक पूरे राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिलों में बाल विवाह के विरुद्ध व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसमें प्रशासन, सामाजिक संगठनों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
युवाओं की भागीदारी से मजबूत हुआ सामाजिक संकल्प
राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी में युवाओं और बच्चों की भागीदारी ने यह स्पष्ट किया कि सामाजिक बदलाव की सबसे बड़ी ताकत युवा शक्ति है। बाल विवाह के खिलाफ यह सामूहिक संकल्प छत्तीसगढ़ को सामाजिक सुधार की दिशा में एक नई पहचान देता है।