भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारे आयुष शेट्टी ने हाल ही में अपने प्रदर्शन से खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। एशियन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतने के बाद आयुष ने आत्मविश्वास से भरा बयान दिया है—वह आने वाले समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बन सकते हैं।
शानदार प्रदर्शन से बढ़ा आत्मविश्वास
20 वर्षीय शटलर ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाया और कई दिग्गज खिलाड़ियों को मात दी। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें भारतीय बैडमिंटन के भविष्य के बड़े सितारों की कतार में खड़ा कर दिया है।
आयुष ने कहा कि यह टूर्नामेंट उनके लिए बेहद खास रहा। कठिन मुकाबलों में जीत हासिल करने से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
फाइनल में हार, लेकिन हौसला कायम
निंगबो ओलंपिक सेंटर में खेले गए फाइनल मुकाबले में आयुष को मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन शी यू क्यूई के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने खुले दिल से स्वीकार किया कि उस दिन उनके प्रतिद्वंद्वी बेहतर थे।
उन्होंने कहा,
“मैं टूर्नामेंट जीतकर खत्म करना चाहता था, लेकिन सिल्वर मेडल भी मेरे लिए गर्व की बात है।”
वर्ल्ड नंबर-1 को हराकर बनाई पहचान
सेमीफाइनल में आयुष ने थाईलैंड के शीर्ष खिलाड़ी कुनलावुत वितिदसरन को हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और यह साबित किया कि वह बड़े मंच पर दबाव झेलने में सक्षम हैं।
इतिहास के करीब पहुंचे आयुष
सिल्वर मेडल के साथ आयुष शेट्टी 2018 में एचएस प्रणॉय के बाद एशियन चैंपियनशिप में पोडियम तक पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं। अगर वह फाइनल जीत जाते, तो 1965 के चैंपियन दिनेश खन्ना की बराबरी कर लेते।
“मैं बन सकता हूं दुनिया का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी”
आयुष का मानना है कि यह टूर्नामेंट उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। उन्होंने कहा,
“इस प्रदर्शन ने मुझे विश्वास दिया है कि मैं दुनिया का नंबर-1 खिलाड़ी बन सकता हूं। अब मेरा लक्ष्य निरंतरता बनाए रखना है।”
अगला लक्ष्य – थॉमस कप
आयुष अब अपने अगले बड़े टूर्नामेंट थॉमस कप की तैयारी में जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया ट्रॉफी जीतने के लिए पूरी ताकत लगाएगी।
उनका फोकस अब सिर्फ एक चीज पर है—लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करना और दुनिया के टॉप खिलाड़ियों को नियमित रूप से हराना।