Mission Amrut parks योजना के तहत छत्तीसगढ़ के तीन शहरों में जल्द नए उद्यान आकार लेंगे अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में Mission Amrut parks के निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली है. रायपुर से 19 सितंबर 2026 को जारी सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक निर्माण एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है. Also, तीनों उद्यानों में कुल 8,732 पौधे लगाए जाएंगे.
Mission Amrut parks: तीन शहरों के उद्यान, लोकेशन, लागत और क्षेत्रफल
विज्ञप्ति में हर शहर के लिए अलग राशि, जगह और पौधों की संख्या बताई गई है. क्षेत्रफल के हिसाब से मुंगेली का उद्यान तीनों परियोजनाओं में सबसे बड़ा है.
| शहर | लोकेशन | क्षेत्रफल | स्वीकृत राशि | पौधे |
|---|---|---|---|---|
| अहिवारा | वार्ड क्रमांक-01, शीतला मंदिर क्षेत्र | 0.52 एकड़ | 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपये | करीब 2,115 |
| मुंगेली | पेंड्राकांपा, महाराणा प्रताप वार्ड | 3.08 एकड़ | 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपये | लगभग 4,453 |
| कांकेर | वार्ड क्रमांक-09, श्रीराम नगर | 0.72 एकड़ | 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपये | करीब 2,164 |
अहिवारा का Mission Amrut उद्यान : 2.07 करोड़ की लागत, सोलर लाइट और सुगम पाथवे
अहिवारा के शीतला मंदिर क्षेत्र वाले उद्यान में सोलर लाइट की व्यवस्था होगी. बच्चों के लिए खेल क्षेत्र बनेगा, जबकि युवाओं और अन्य नागरिकों के लिए ओपन जिम रहेगा. So, हर उम्र के लोगों के लिए यहां कुछ न कुछ होगा. बैठने और विश्राम के लिए अलग स्थान और सुगम आवागमन के लिए पाथवे भी बनाए जाएंगे. टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो के साथ वर्षा जल संचयन की व्यवस्था भी की जाएगी.
मुंगेली का Mission Amrut parks उद्यान: सबसे बड़ा परिसर और रेन वाटर हार्वेस्टिंग
मुंगेली में 3.08 एकड़ का उद्यान बनेगा और यहां सबसे ज्यादा, यानी लगभग 4,453 पौधे लगाए जाएंगे. बच्चों के लिए प्ले-एरिया और खेल उपकरण, नागरिकों के लिए ओपन जिम और बैठने की सुविधा तथा टहलने के लिए पाथवे बनेंगे. Moreover, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के साथ जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी तैयार किया जाएगा.
कांकेर का उद्यान: 1.69 करोड़ में आधुनिक परिसर
कांकेर के श्रीराम नगर में बनने वाले उद्यान में बैठने और विश्राम के लिए निर्धारित स्थान रहेंगे. बच्चों के लिए प्ले-इक्विपमेंट, स्वास्थ्य और व्यायाम के लिए ओपन जिम और पैदल भ्रमण के लिए पाथवे बनेंगे. इसके अलावा सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक और गज़ेबो की सुविधा मिलेगी. वर्षा जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगेगा.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पक्ष: हरियाली और जीवन की गुणवत्ता
विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शहरों में नागरिकों को बेहतर और सुविधायुक्त जीवन देना सरकार की प्राथमिकता है. उनके हवाले से कहा गया है कि तेजी से बढ़ते शहरों में अधोसंरचना के साथ पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी जरूरी है. सरकार का कहना है कि ये उद्यान बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल बनेंगे. Also, बताया गया है कि ओपन जिम, पाथवे और विश्राम स्थल लोगों को स्वस्थ जीवनशैली की ओर ले जाएंगे. However, ये सरकारी दावे हैं और इनका असर निर्माण पूरा होने के बाद ही दिखेगा.
उपमुख्यमंत्री अरुण साव: निर्माण के बाद पांच साल तक रखरखाव
नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री और उपमुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश में इन परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है. उन्होंने कहा कि सरकार का जोर सिर्फ ढांचा खड़ा करने पर नहीं है, बल्कि लंबे समय तक बेहतर देखरेख पर भी है. निर्माण पूरा होने के बाद पांच वर्षों तक चयनित एजेंसी उद्यानों का संचालन और संरक्षण करेगी. Overall, इससे हरियाली, अधोसंरचना और सुविधाओं की नियमित देखभाल की उम्मीद है.
प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के निर्देश: गुणवत्ता और समयसीमा
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि मिशन अमृत 2.0 के जरिए शहरी क्षेत्रों में हरित अधोसंरचना मजबूत करने पर ध्यान है. विज्ञप्ति के अनुसार उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा हो. इसका मकसद है कि स्थानीय नागरिकों को जल्द से जल्द सुविधाओं का लाभ मिले. But, असली परीक्षा तब होगी जब ये निर्देश जमीन पर लागू होंगे.
उद्यान परियोजना का सार: 7.29 करोड़ की स्वीकृति, 8,732 पौधे और पांच साल का रखरखाव
- कुल स्वीकृति: 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपये
- कुल पौधे: 8,732
- निर्माण का लक्ष्य: एक वर्ष के भीतर
- रखरखाव: निर्माण के बाद पांच वर्षों तक चयनित एजेंसी
- साझा सुविधाएं: ओपन जिम, प्ले-एरिया, पाथवे, बैठने की जगह, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और वर्षा जल संचयन
डिस्क्लेमर:
यह लेख छत्तीसगढ़ सरकार की 19 सितंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है. राशि, क्षेत्रफल और पौधों के आंकड़े सरकारी स्वीकृति के अनुसार हैं. निर्माण के दौरान इनमें बदलाव संभव है.