AIIMS रायपुर रैगिंग मामला: MBBS छात्रों के गुमनाम खत से हड़कंप
रायपुर, 29 नवम्बर 2024: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित AIIMS में MBBS के छात्रों ने सीनियरों पर रैगिंग का आरोप लगाया है। 16 नवम्बर की रात को कथित रूप से उन्हें रात भर परेशान किया गया। कुछ छात्राएं तो बेहोश भी हो गईं, क्योंकि उन्हें सुबह 3 बजे तक खड़े रहने के लिए मजबूर किया गया। इस घटना के बाद, छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट की वकील मीरा पटेल को एक गुमनाम शिकायत भेजी है। मीरा पटेल ‘सोसाइटी अगेंस्ट वायलेंस इन एजुकेशन (SAVE)’ की कानूनी प्रमुख हैं।
क्या था रैगिंग का तरीका?
शिकायत में बताया गया है कि 2023 बैच के MBBS छात्रों को आधी रात को सीनियरों ने एक कमरे में बुलाया और फिर उन्हें सिर्फ टी-शर्ट पहनाकर बास्केटबॉल ग्राउंड पर मार्च करने के लिए भेजा। जूनियर छात्रों का कहना है कि यह सब सुरक्षा उल्लंघन के नाम पर किया गया। उन्हें घेरकर उनके फोन छीन लिए गए और रैगिंग सुरक्षा गार्डों की मौजूदगी में सुबह 3 बजे तक जारी रही।
AIIMS की प्रतिक्रिया और जांच
AIIMS-रायपुर के प्रवक्ता मृत्युंजय राठौर ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि संस्थान में रैगिंग के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। जूनियर और सीनियर छात्रों को अलग-अलग कैंपस में रखा जाता है। एंटी-रैगिंग कमेटी गुमनाम शिकायत की जांच कर रही है।
संगठन और स्थानीय चिकित्सक की प्रतिक्रिया
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, रायपुर के डॉ. राकेश गुप्ता ने इस मामले को चिंता का विषय बताया। यह AIIMS-रायपुर में रैगिंग का दूसरा मामला है, जो गंभीर है और इसे तुरंत संबोधित किया जाना चाहिए।