भारत और न्यूजीलैंड के बीच समझौते पर हस्ताक्षर के साथ द्विपक्षीय संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। यह ऐतिहासिक डील व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने वाली मानी जा रही है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal और न्यूजीलैंड के समकक्ष मंत्री की मौजूदगी में इसे औपचारिक रूप दिया गया।
India Newzealand free trade से 100% टैक्स-फ्री निर्यात से व्यापार को बूस्ट
India Newzealand free trade डील का सबसे बड़ा फायदा भारतीय निर्यातकों को मिलेगा। अब भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले सभी उत्पादों पर 100% टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे कपड़ा, चमड़ा, सिरेमिक्स, ऑटो पार्ट्स और कालीन जैसे सेक्टरों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
रिकॉर्ड समय में पूरी हुई India Newzealand free trade डील
महज 9 महीनों में पूरी हुई India Newzealand free trade बातचीत दोनों देशों के मजबूत विश्वास को दर्शाती है। यह तेजी से लागू होने वाला समझौता वैश्विक व्यापार में भारत की मजबूत स्थिति को भी दिखाता है।
20 अरब डॉलर निवेश का वादा
इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में करीब 20 अरब डॉलर निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग और रोजगार के अवसरों में तेजी आएगी।
किसानों और डेयरी सेक्टर को राहत
सरकार ने India Newzealand free trade डील में एक रणनीतिक फैसला लेते हुए डेयरी और कृषि क्षेत्र को इससे बाहर रखा है। दूध, दही और पनीर जैसे उत्पादों पर आयात छूट नहीं दी गई, जिससे भारतीय किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे।
छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए सुनहरा मौका
India Newzealand free trade समझौता युवाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है:
- भारतीय छात्र पढ़ाई के दौरान 20 घंटे काम कर सकेंगे
- पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा में राहत मिलेगी
- 5,000 स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए विशेष वीजा कोटा
- 1,000 युवाओं के लिए वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम
- वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत पकड़
विशेषज्ञों का मानना है कि India Newzealand free trade समझौता भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत बनाएगा। इससे निर्यात बढ़ेगा और भारत एक भरोसेमंद ट्रेड पार्टनर के रूप में उभरेगा।
यह भी पढ़ें – ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों की गूंज: CM Vishnu Deo Sai