ईरान ने सोमवार सुबह सऊदी अरब के प्रमुख ऊर्जा केंद्र रास तनुरा में स्थित सऊदी अरामको की रिफाइनरी पर शाहेद-136 ड्रोन के माध्यम से हमला किया। घटना के तुरंत बाद परिसर के एक हिस्से में आग लगने की सूचना मिली, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा कारणों से रिफाइनरी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। रास तनुरा विश्व के प्रमुख ऑफशोर ऑयल लोडिंग टर्मिनलों में से एक है और इसकी प्रसंस्करण क्षमता लगभग 5.5 से 6 लाख बैरल प्रतिदिन बताई जाती है। इसके संचालन में बाधा से प्रतिदिन लाखों बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तीव्र प्रतिक्रिया देखी गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 9.32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो हाल के महीनों में सबसे तेज उछालों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव जारी रहता है तो तेल कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है।
रास तनुरा टर्मिनल से अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों को निर्यात किया जाता है। इस क्षेत्र में अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकती है, जिससे महंगाई और ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।