ट्रंप का 10% अस्थायी शुल्क लागू, भारत पर 18% नहीं बल्कि 10% टैरिफ

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने टैरिफ नीति पर बड़ा फैसला लेते हुए 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत अस्थायी ग्लोबल आयात शुल्क लागू करने की घोषणा की है। यह फैसला उस समय आया जब Supreme Court of the United States ने पूर्व में लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया था। हालांकि, कोर्ट के निर्णय के बावजूद ट्रंप अपने आर्थिक रुख से पीछे हटते नजर नहीं आए।

भारत पर कितना पड़ेगा असर?

नई व्यवस्था के तहत भारत पर अब 18 प्रतिशत के बजाय 10 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा। इससे पहले यूरोपीय संघ और जापान पर 15 प्रतिशत, ब्रिटेन पर 10 प्रतिशत और भारत पर 18 प्रतिशत शुल्क प्रभावी था। अब सभी पर समान रूप से 10 प्रतिशत शुल्क लागू रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को कुछ राहत मिल सकती है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता यथावत

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ घोषित अंतरिम व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध मजबूत हैं और यह नई टैरिफ व्यवस्था उस समझौते को प्रभावित नहीं करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के साथ अपने संबंधों को भी सकारात्मक बताया।

राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक संतुलन का तर्क

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह 10 प्रतिशत अस्थायी आयात शुल्क अमेरिका के व्यापार घाटे को संतुलित करने और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के उद्देश्य से लगाया गया है। यह टैरिफ 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद अमेरिकी संसद इस पर अंतिम निर्णय लेगी।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद त्वरित कार्रवाई

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से राष्ट्रपति के पूर्व टैरिफ आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया था। इसके तुरंत बाद ट्रंप ने कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर नई 10 प्रतिशत शुल्क व्यवस्था लागू कर दी।

कुल मिलाकर, ग्लोबल टैरिफ के इस नए चरण में भारत के लिए शुल्क दर में कमी राहत भरी खबर है, लेकिन आने वाले महीनों में अमेरिकी संसद का रुख वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है।

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