परीक्षा पे चर्चा 2026 का दूसरा सत्र आज सुबह 10 बजे लाइव प्रसारण के साथ आयोजित हुआ, जो अब सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। इस सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों से संवाद करते हुए परीक्षा तनाव, अनुशासन और भविष्य की सोच पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सीखना कोई एक पड़ाव नहीं, बल्कि जीवनभर चलने वाली यात्रा है। उन्होंने छात्रों को 2047 के विकसित भारत के विजन से जोड़ते हुए कहा कि अगर देश को आगे बढ़ाना है, तो अपनी आदतों और सोच को भी उसी दिशा में ढालना होगा।
अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी, पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जीवन में अनुशासन बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा,
“प्रेरणा तभी काम आती है, जब उसके साथ अनुशासन जुड़ा हो। अनुशासन के बिना प्रेरणा बोझ बन जाती है और निराशा पैदा करती है।”
प्रधानमंत्री के ये शब्द छात्रों के लिए आत्ममंथन और आत्मनियंत्रण का संदेश लेकर आए।
देशभर के छात्रों से सीधा संवाद
दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, गुजरात और असम के छात्रों ने प्रधानमंत्री से सीधे बातचीत की। इस दौरान छात्रों ने परीक्षा की तैयारी, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास से जुड़े सवाल पूछे, जिनका जवाब पीएम मोदी ने सहज और प्रेरक अंदाज़ में दिया।
4.5 करोड़ से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, नया रिकॉर्ड
इस वर्ष परीक्षा पे चर्चा को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
आंकड़ों के अनुसार—
4.19 करोड़ से अधिक छात्र
24.84 लाख शिक्षक
6.15 लाख अभिभावक
इस पहल से जुड़े, जिससे कुल रजिस्ट्रेशन 4.5 करोड़ के पार पहुंच गया। यह आंकड़ा पिछले साल बने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी अधिक है। सिर्फ कार्यक्रम नहीं, एक संवाद मंच शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित यह कार्यक्रम अब भारत के सबसे बड़े शैक्षणिक संवाद मंचों में शामिल हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा पे चर्चा कोई प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक मुक्त मंच है, जहां छात्र, शिक्षक और अभिभावक परीक्षा, दबाव और मानसिक मजबूती जैसे विषयों पर खुलकर बात कर सकते हैं।