तिरुपति में इसरो प्रमुख की प्रार्थना, 12 जनवरी को EOS-N1 उपग्रह होगा लॉन्च

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपने नए वर्ष के पहले अंतरिक्ष मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है। PSLV-C62 मिशन के तहत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-N1 को 12 जनवरी को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इस महत्वपूर्ण प्रक्षेपण से पहले ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में दर्शन कर मिशन की सफलता के लिए प्रार्थना की।

तिरुपति मंदिर में पूजा-अर्चना के दौरान इसरो प्रमुख के साथ संगठन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रक्षेपण यान की एक लघु प्रतिकृति भी मंदिर में रखी गई, जो इस ऐतिहासिक मिशन के प्रति वैज्ञानिकों की आस्था और समर्पण को दर्शाती है।

वी. नारायणन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि PSLV-C62 रॉकेट EOS-N1 उपग्रह और 14 अन्य सह-यात्री पेलोड को लेकर उड़ान भरेगा। यह मिशन ध्रुवीय सूर्य-तुल्यकालिक कक्षा (Sun Synchronous Orbit) के लिए निर्धारित किया गया है। लॉन्च से पहले 25 घंटे की उलटी गिनती 11 जनवरी से शुरू होगी। यह PSLV रॉकेट की 64वीं उड़ान होगी।

अब तक PSLV की 63 सफल उड़ानों में चंद्रयान-1, मंगल ऑर्बिटर मिशन (MOM) और आदित्य-L1 जैसे ऐतिहासिक मिशन शामिल रहे हैं। इस मिशन में मुख्य पेलोड के रूप में थाईलैंड और यूनाइटेड किंगडम द्वारा निर्मित पृथ्वी अवलोकन उपग्रह भी शामिल है, जिसे प्रक्षेपण के लगभग 17 मिनट बाद कक्षा में स्थापित किया जाएगा।

ISRO के अनुसार, इस लॉन्च के साथ भारतीय धरती से प्रक्षेपित विदेशी उपग्रहों की कुल संख्या 442 तक पहुंच जाएगी। PSLV-C62 मिशन न केवल भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष सहयोग में ISRO की बढ़ती भूमिका को भी मजबूत करता है।

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