छत्तीसगढ़ में आठ साल बाद युवाओं के कौशल को पहचान देने वाला मंच वापस लौटा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में कौशल तिहार 2025 का आयोजन राज्य के सभी जिलों में 21 से 31 जुलाई तक किया गया।
इस प्रतियोगिता में कुल 2,530 युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से 288 प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय मुकाबलों के लिए हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को हुनरमंद बनाना और उन्हें भारत स्किल्स 2026 और वर्ल्ड स्किल्स 2026 के लिए तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास और अवसर का प्रतीक है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस वर्ष प्रतियोगिता दो आयु वर्गों में हुई – 22 वर्ष से कम और 22 से 45 वर्ष तक के प्रतिभागियों के लिए। कुल 10 प्रमुख ट्रेड में मुकाबले हुए। इनमें शामिल हैं:
- ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी
- ब्रिकलेइंग
- फूड एंड बेवरेज
- हेल्थ एंड सोशल केयर
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- आईटी नेटवर्किंग
- मोबाइल रिपेयर
- ग्राफिक डिजाइन
- रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग
- प्लंबिंग एंड हिटिंग
हर जिले में 2 से 3 ट्रेडों की प्रतियोगिताएं हुईं, जिनमें युवाओं को वास्तविक कामों पर आधारित चुनौतियां दी गईं। हर प्रतियोगिता की अवधि 2-3 घंटे रही और उसका मूल्यांकन विशेषज्ञों की टीम ने किया। प्रत्येक जिले से हर ट्रेड और आयु वर्ग से दो विजेताओं का चयन हुआ। इन विजेताओं को प्रमाण पत्र और मेडल देकर सम्मानित भी किया गया।
अब जल्द ही राज्य स्तरीय कौशल तिहार 2025 का आयोजन होगा। राज्य स्तरीय चयनित युवाओं को उन्नत प्रशिक्षण, स्किल डेमो, पुरस्कार और करियर मार्गदर्शन दिया जाएगा। राज्य स्तर के विजेता राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे और वहां चयनित होने पर भारत का प्रतिनिधित्व वर्ल्ड स्किल्स 2026, शंघाई (चीन) में कर सकेंगे।
छत्तीसगढ़ में अंतिम बार 2017 में कौशल प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। अब 8 साल बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कौशल विकास मंत्री केदार कश्यप की पहल से यह आयोजन नए उत्साह के साथ हुआ है।