बस्तर में बिजली से लेकर शिक्षा तक बड़ा बदलाव, कई अहम फैसलों से बदलेगा क्षेत्र का भविष्य

बस्तर विकास समाचार अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है क्योंकि यहां 240 करोड़ की बिजली परियोजना को मंजूरी मिली है।

राज्य शासन की इस योजना से बस्तर जिले में उच्च क्षमता की विद्युत अधोसंरचना विकसित की जाएगी और इससे शहरी व ग्रामीण इलाकों को लाभ मिलेगा।

इस परियोजना में 400 केवी का नया उपकेन्द्र और 500 एमवीए के ट्रांसफॉर्मर के साथ 132/33 केवी उपकेन्द्र भी बनाए जाएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
बस्तर विकास समाचार के अनुसार, इस परियोजना से किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी बिजली, स्कूलों और स्वास्थ्य उपकेन्द्रों को निर्बाध आपूर्ति मिलेगी।

पुरानी व्यवस्था और कमजोर ट्रांसफॉर्मर की समस्याओं से राहत मिल जाएगी क्योंकि यह परियोजना लंबे समय की जरूरत को पूरा करेगी।

कॉलेजों में सीधे प्रवेश की सुविधा
बस्तर विकास समाचार में शिक्षा के क्षेत्र में भी अच्छी खबर है क्योंकि 31 जुलाई तक सीधे प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर व सभी कॉलेजों में स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया जा सकता है।

बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए, एमएससी, एमबीए, एमसीए जैसे कोर्सेस में इच्छुक छात्र प्रवेश ले सकते हैं और पीजीडीसीए व पीजीडीजेएमसी के लिए भी ऑनलाइन आवेदन खुला है।

लापरवाही पर शिक्षक निलंबित
बस्तर विकास समाचार के अंतर्गत शिक्षा विभाग की सख्ती भी दिखी जब एक स्कूल समय पर न खुलने पर सहायक शिक्षक को निलंबित किया गया।

संयुक्त संचालक ने प्राथमिक शाला खुटगुड़ा का निरीक्षण किया और अनुपस्थित पाए जाने पर कार्रवाई की गई।

आदिवासी छात्र बना मजदूर
माकड़ी ब्लॉक के राधना स्कूल में एक आदिवासी छात्र को जबरन टीसी देकर बाहर कर दिया गया।

बस्तर विकास समाचार के मुताबिक, शिक्षा से वंचित हुआ छात्र अब मजदूरी कर रहा है, जो चिंताजनक है।

आम आदमी पार्टी का विस्तार
बस्तर में आम आदमी पार्टी भी संगठन विस्तार में जुटी है। बस्तर विकास समाचार के अनुसार, 30 जुलाई तक सभी जिलों में बैठकें होंगी।

पार्टी का लक्ष्य है युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोड़कर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाना।

सीआरपीएफ का जनकल्याण अभियान
सीआरपीएफ की 80वीं बटालियन ने सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत चिन्नाकोडेपाल और भद्रीमऊ कैंप क्षेत्र में रेडियो सेट वितरित किए।

कमांडेंट जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों को जागरूक कर सुविधाएं दी गईं, जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक सकारात्मक पहल है।

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