15 अगस्त 2025 को रायपुर में महेश मिश्रा को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय उनके हाथों यह पदक सौंपेंगे, और उन्हें आउट ऑफ टर्न प्रमोशन का लाभ भी मिलेगा।
कोरिया नगर सेना में नायक के पद पर कार्यरत महेश मिश्रा को यह सम्मान उनकी निरंतर सेवा और समर्पण के लिए मिल रहा है। वे पिछले 18 वर्षों से ट्रैफिक व्यवस्था में बेहतरीन योगदान दे रहे हैं और “ट्रैफिक मैन महेश मिश्रा” के नाम से पहचान बना चुके हैं।
ट्रैफिक जागरुकता में निभाई अहम भूमिका
महेश मिश्रा ने अपने खर्च पर 500 से अधिक ट्रैफिक जागरुकता कैंप आयोजित किए हैं, जिनमें लाखों लोगों को यातायात नियमों की जानकारी दी गई। उनके प्रयासों से प्रदेश में ट्रैफिक के प्रति जन-जागरुकता में बढ़ोतरी हुई है।
वे सड़क के गड्ढे भरने, चश्मा वितरण, और अन्य सामाजिक कार्यों में भी लगातार सक्रिय हैं। उन्होंने जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर 4 लाख से अधिक लोगों को प्रशिक्षित किया है।
उच्च शिक्षा में गोल्ड मेडलिस्ट
ट्रैफिक मैन महेश मिश्रा की डिग्रियां किसी आईएएस अफसर से कम नहीं हैं। वे संस्कृत, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इसके अलावा वर्तमान में वे “छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले में यातायात नियमों की जागरुकता” विषय पर पीएचडी कर रहे हैं।
साल 2022 में उनका नाम ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हो चुका है। यह उपलब्धि उनके सतत प्रयासों का प्रमाण है।
यह सम्मान केवल मेरा नहीं – मिश्रा
महेश मिश्रा का कहना है कि यह सम्मान व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे जिले और विभाग का है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों, सहयोगियों और जिले के नागरिकों के सहयोग से वे जन-जागरुकता अभियान को सफल बना पाए। वे आगे भी उत्साह से यह कार्य जारी रखेंगे।