रायपुर में जल संकट को देखते हुए कलेक्टर ने 15 जुलाई 2025 तक बोर खनन पर रोक लगाई आदेश का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई होगी
रायपुर में भीषण गर्मी के कारण जल संकट गहराता जा रहा है इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने जिले में बोर खनन पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया है यह आदेश 15 जुलाई 2025 तक प्रभावी रहेगा लेकिन अगर मानसून 15 जुलाई के बाद आता है तो यह प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक मानसून नहीं आ जाता यानी जो तारीख बाद में आएगी वही अंतिम मानी जाएगी अगर मानसून 10 जुलाई को आ जाता है तो प्रतिबंध 15 जुलाई तक रहेगा लेकिन अगर मानसून 20 जुलाई को आता है तो प्रतिबंध 20 जुलाई तक लागू रहेगा
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 के तहत रायपुर जिले में इस अवधि के दौरान बिना अनुमति कोई नया नलकूप नहीं खोदा जा सकेगा यह नियम पेयजल और अन्य किसी भी प्रयोजन के लिए लागू होगा
रायपुर के कई क्षेत्र जल संकट से प्रभावित
केंद्रीय भूजल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले का धरसींवा विकासखंड क्रिटिकल जोन में आ चुका है भूजल स्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जिससे भविष्य में पेयजल संकट और बढ़ सकता है
बिना अनुमति बोर खनन करने पर होगी कार्रवाई
रायपुर कलेक्टर ने साफ किया कि अगर कोई बिना अनुमति बोर खनन करता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी जल संकट को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि भूजल का अनावश्यक दोहन रोका जा सके
किन अधिकारियों से मिलेगी अनुमति
हालांकि जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए कुछ मामलों में नलकूप खनन की अनुमति दी जा सकती है इसके लिए प्राधिकृत अधिकारियों की नियुक्ति की गई है
- एडीएम रायपुर
- एसडीएम रायपुर
- एसडीएम आरंग
- एसडीएम अभनपुर
- एसडीएम तिल्दा
ये अधिकारी संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी नगरीय निकाय और तहसील की रिपोर्ट के आधार पर ही अनुमति देंगे
जल संकट से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी
भूजल का अति दोहन एक गंभीर समस्या बनती जा रही है सरकार और प्रशासन इसे रोकने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं आम जनता को भी चाहिए कि वे जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहें और पानी की बर्बादी रोकें
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