बस्तर में गृह मंत्री का दौरा, नक्सलवाद खत्म करने और शांति बहाली का संदेश लेकर आया।
रायपुर, नक्सल प्रभावित बस्तर में गृह मंत्री अमित शाह इतिहास रचने जा रहे हैं। शाह का यह दौरा नक्सलवाद के खात्मे और शांति बहाली का संकल्प है। पहली बार कोई केंद्रीय गृह मंत्री नक्सलियों के गढ़ में रात गुजारेंगे। यह कदम देशभर में चर्चा का विषय बन गया है।
दो दिवसीय दौरे के दौरान अमित शाह जगदलपुर में बस्तर ओलंपिक में हिस्सा लेंगे। वे सरेंडर किए गए नक्सलियों और नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात जवानों से भी मिलेंगे। चर्चा यह है कि शाह सुकमा, बीजापुर या नारायणपुर जिले के किसी सुरक्षाबल कैंप में रात गुजार सकते हैं।
संभावित लोकेशन:
शाह सुकमा के पूवर्ती गांव जा सकते हैं, जहां हाल ही में सुरक्षाबलों का कैंप स्थापित किया गया है। यह गांव देश के मोस्ट वांटेड नक्सली माड़वी हिड़मा का गढ़ माना जाता है। दूसरी संभावना नारायणपुर के अबूझमाड़ की है, जिसे नक्सलियों की राजधानी कहा जाता है।
शांति और विकास का संदेश:
शाह का यह दौरा सुरक्षा के साथ-साथ विकास का प्रतीक है। नारायणपुर में जल्द ही इंडियन आर्मी का बेस कैंप स्थापित होगा। गृह मंत्री का यह कदम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नई रणनीति और शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।