देशभर में जारी CJP Protest के बीच आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन ने सभी छात्र संगठनों से अपने-अपने जिलों में एकत्र होकर छात्रों की मांगें पढ़ने और स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेकर प्रदर्शन करने की अपील की है।
सीजेपी का कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लेती। दूसरी ओर, केंद्र सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव भी सामने आया है।
CJP Protest पर सरकार से बातचीत के लिए दो शर्तें
सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन बातचीत से पीछे नहीं हट रहा है। हालांकि, इसके लिए दो स्पष्ट शर्तें रखी गई हैं।
पहली शर्त यह है कि बैठक किसी मंत्री के आवास पर नहीं होगी। बातचीत जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित की जाए।
दूसरी शर्त के अनुसार सरकार को केवल आश्वासन नहीं देना होगा। उसे यह भी बताना होगा कि छात्रों की मांगें कब तक पूरी की जाएंगी।
पीएम मोदी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट ऐलान पर प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
हालांकि, CJP Protest से जुड़े नेताओं ने इस घोषणा को पर्याप्त नहीं माना। संगठन का कहना है कि केवल नई घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा। जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।
सीजेपी ने क्या कहा?
संगठन के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पेपर लीक मामले में जिम्मेदार लोगों पर सीधी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के स्तर से नीचे किसी प्रतिनिधि से बातचीत नहीं करेगा।
सीजेपी का दावा है कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसलिए मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
देशभर में होगा प्रदर्शन
सीजेपी ने सभी छात्र संगठनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि हर जिले में छात्रों की मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा। साथ ही प्रशासन से आवश्यक अनुमति लेने की भी सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में CJP Protest को लेकर सरकार और आंदोलनकारी संगठनों के बीच बातचीत होती है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
क्या हैं प्रमुख मांगें?
- पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच।
- छात्रों पर दर्ज मामलों की समीक्षा।
- शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करना।
- पेपर लीक मामलों में समयबद्ध कार्रवाई।
- मांगों पर सरकार की स्पष्ट समयसीमा।
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