इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान 18 से 20 सितंबर तक आयोजित होने वाले 14वें औद्योगिक मेले की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को नई दिशा देने के साथ निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ाते हैं।
इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर से MSME क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार उद्योग-अनुकूल माहौल बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। साथ ही उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि रायपुर में पहली बार इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय औद्योगिक समागम का आयोजन होगा। इससे छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर जुटेंगे उद्योग जगत के प्रतिनिधि
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि लघु उद्योग भारती देश के लघु उद्यमियों का सबसे बड़ा संगठन है। यह संगठन एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाने और उद्योगों के बीच व्यावसायिक सहयोग को बढ़ावा देता है।
आयोजन में देशभर के उद्योगपति, निवेशक, विशेषज्ञ और तकनीकी संस्थान शामिल होंगे। यहां आधुनिक तकनीक, निवेश, विपणन और व्यापार विस्तार पर चर्चा होगी।
मुख्य बातें
- 18 से 20 सितंबर तक रायपुर में होगा आयोजन।
- देशभर के उद्योगपति और निवेशक होंगे शामिल।
- एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगा बड़ा मंच।
- निवेश और रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
- व्यापार विस्तार और तकनीक पर रहेगा फोकस।
स्थानीय उद्योगों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इस आयोजन से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा। नई तकनीकों को अपनाने और व्यापार बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रतिनिधिमंडल में ये सदस्य रहे मौजूद
बैठक में लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र गुप्त, संयुक्त महासचिव नरेश पारख, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समीर, प्रांत अध्यक्ष सी. पी. दुबे, पुरुषोत्तम पटेल, अनिल बाकलीवाल, तूलिका पांडे और प्रांजल सिंह ठाकुर उपस्थित रहे।
एक नजर में
- मुख्यमंत्री से लघु उद्योग भारती की मुलाकात।
- 14वें औद्योगिक मेले की तैयारियों पर चर्चा।
- एमएसएमई को मिलेगा राष्ट्रीय मंच।
- निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
- रोजगार सृजन की संभावनाएं बढ़ेंगी।
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