जांजगीर-चांपा जिले के एकीकृत बाल विकास परियोजना बलौदा अंतर्गत ग्राम पंचायत चारपारा में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन ‘ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स’ के अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और जागरूक बनाना था ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें।
बेटियों के सर्वांगीण विकास पर दिया गया विशेष बल
कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती अनिता अग्रवाल ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम केवल एक सरकारी अभियान नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को बेहतर शिक्षा, सुरक्षा और अवसर उपलब्ध कराना प्रत्येक परिवार और समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि बेटियों को सही और गलत की पहचान कराना, उन्हें निर्णय लेने में सक्षम बनाना तथा जीवन की चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए तैयार करना आवश्यक है। कार्यक्रम में महिलाओं और अभिभावकों को बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया गया।
ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स पर अभिभावकों की भूमिका पर चर्चा
‘ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स’ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में माता-पिता की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में परिवार का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होता है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के दौरान बच्चों को अपने माता-पिता का सम्मान करने, उनके अनुभवों से सीखने और जीवन में उनके मार्गदर्शन का पालन करने की प्रेरणा दी गई। साथ ही अभिभावकों द्वारा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जाने वाले त्याग और समर्पण को भी विस्तार से बताया गया।
बालिकाओं को अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम में बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े अधिकारों की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने कहा कि जागरूक बेटियां ही भविष्य में आत्मनिर्भर समाज का निर्माण कर सकती हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें आत्मविश्वास बढ़ाने, सामाजिक चुनौतियों का सामना करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया। बालिकाओं ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और महिलाओं की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में श्री रमाकांत साहू, श्रीमती द्रौपती साहू, श्रीमती मानीबाई और श्री संतोष पटेल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इसके अलावा पर्यवेक्षक श्रीमती विनिता शर्मा, श्रीमती लता ठाकुर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं तथा बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के सफल आयोजन ने ग्रामीण क्षेत्र में बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर सकारात्मक संदेश प्रसारित किया।
चारपारा में आयोजित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम ने यह स्पष्ट किया कि बालिकाओं का सशक्तिकरण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि परिवार और समाज की सहभागिता से संभव है। इस प्रकार के कार्यक्रम बालिकाओं को आत्मविश्वास देने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
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