मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में शिक्षकों की आवश्यकता को देखते हुए 5,000 नए शिक्षकों की नियुक्ति की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करना प्राथमिकता है। इसके लिए 133 करोड़ का बजट स्कूलों के रखरखाव हेतु स्वीकृत किया गया है। राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी है।
इस असमानता को दूर करने के लिए युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। जिससे अब कोई भी विद्यालय शिक्षकविहीन नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को राज्य में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। बंद पड़े विद्यालय जैसे इरकभट्टी गांव में स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। छात्रावासों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए भी ठोस कार्ययोजना बनाई गई है। सरकार की यह पहल शिक्षा की गुणवत्ता को एक नई दिशा देगी।